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सावन आज से : गर्भगृह के बाहर से हो सकेंगे पशुपतिनाथ के दर्शन

सावन मास की शुरुआत आज रविवार से हो चुकी है, दूसरे दिन ही पहला सावन साेमवार होगा। इस दाैरान मध्यप्रदेश के महाकाल और ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग के अलावा विश्वप्रसिद्व मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर में कोरोना के चलते पाबंदिया रहेगी। महाकाल और ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए ऑनलाइन बुकिंग के बाद टोकन लेना होगा। इसी तरह, पशुपतिनाथ मंदिर में श्रद्धालु गर्भगृह के बाहर से दर्शन कर सकेंगे। मंदिरों में प्रवेश के लिए मास्क व टीके के सर्टिफिकेट की अनिवार्यता की गई है।

उज्जैन. सावन मास के पहले दिन अलसुबह 3 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद भस्म आरती हुई। आरती में आम श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं मिल पाया। भस्म आरती के दौरान सिर्फ पंडे-पुजारी ही गर्भगृह में रहें। बाबा महाकाल का भांग और चंदन से शृंगार किया गया। सोमवार 26 जुलाई, 02 अगस्त, 09 अगस्त, 16 अगस्त, 23 अगस्त, 30 अगस्त एवं 06 सितंबर 2021 को महाकाल भगवान के दर्शन सुबह 6 बजे से 11 बजे तक प्री-बुकिंग के माध्यम से ही होंगे। इस अवधि में 250 रुपए वाले शीघ्र दर्शन के काउंटर बंद रहेंगे। सोमवार के अतिरिक्त 27 जुलाई से 05 सितंबर तक प्री-बुकिंग स्लॉट में दर्शनार्थियों की संख्या 3500 से बढ़ाकर 5000 की गई है। लाइव दर्शन की व्यवस्था मंदिर प्रबंध समिति ने www.mahakaleshwar.nic.in एवं फेसबुक पेज पर भगवान की आरती और दिन भर दर्शन के साथ सवारी का सीधा प्रसारण किया जाएगा।

पशुपतिनाथ मंदिर : गेट पर ही भीड़ कंट्रोलिंग, गर्भगृह के अंदर किसी काे प्रवेश नहीं

मंदसौर. कोरोना के चलते पशुपतिनाथ मंदिर में इस साल भी धार्मिक आयोजन नहीं होंगे। भक्त गर्भगृह के बाहर से ही दर्शन कर सकेंगे। पशुपतिनाथ मंदिर प्रबंध समिति सचिव एवं SDM बिहारी सिंह ने बताया तीसरे शनिवार की शाही पालकी व अंतिम सोमवार की शाही सवारी प्रतीकात्मक रूप से ही निकाली जाएगी। मुख्य द्वार पर भीड़ नियंत्रित की जाएगी। एक समय में पांच-दस लोगों को प्रवेश देंगे। भगवान की पूजा व अभिषेक मंदिर के पुजारी करेंगे। सावन में जलाभिषेक की व्यवस्था बंद रहेंगी। भोग प्रसादी मंदिर प्रबंधन द्वारा किया जाएगा। भक्तों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी।

खंडवा. वीआईपी दर्शन की इच्छा रखने वाले श्रद्धालु ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से मंगलवार से शनिवार के बीच 300 रुपए शुल्क का टिकट ले सकेंगे। बुकिंग की बेबसाइट www.shri omkareshwar.org रहेगी। सावन माह के चारों रविवार, सोमवार पर टोकन बुकिंग के माध्यम से ही भक्त ज्योतिर्लिंग मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। भगवान ओंकार की पहली सवारी 26 जुलाई को मंदिर परिसर से ढोल के साथ निकलेगी। सावन माह के दूसरे सोमवार को ओंकार भगवान का महाश्रंंगार किया जाएगा। तीसरे सोमवार पर 251 लीटर पंचामृत से कोटितीर्थ घाट पर वैदिक विद्वानों की उपस्थिति में महाभिषेक होगा। सावन के आखिरी व चौथे सोमवार पर ओंकार जी की पालकी पूर्व निर्धारित समय के अनुरुप कोटितीर्थ घाट से नौका विहार करके ओंकार घाट पहुंचेगी। वहां से मुख्य बाजार होते हुए ज्योतिर्लिंग मंदिर में यात्रा का समापन होगा।

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