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नागपुर में तालिबानी

नूर मोहम्मद का असली नाम अब्दुल हक है और उसका भाई तालिबान के साथ काम करता था। नूर की फाइल फोटो (बाएं) और सोशल मीडिया में वायरल फोटो (दाएं) - Dainik Bhaskar
नूर मोहम्मद का असली नाम अब्दुल हक है और उसका भाई तालिबान के साथ काम करता था। नूर की फाइल फोटो (बाएं) और सोशल मीडिया में वायरल फोटो (दाएं)

तालबानी आतंकियों के अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद एक तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। यह तस्वीर नूर मोहम्मद उर्फ अब्दुल हक की बताई जा रही है। नूर को लेकर यह खुलासा हुआ है कि यह वही व्यक्ति है, जिसे 23 जून 2021 को नागपुर से डिपोर्ट कर अफगानिस्तान भेजा गया था। उसकी उम्र 30 साल का नूर तकरीबन 10 साल तक नागपुर में रूप बदल कर रहा था। नूर के आतंकी बनने की जानकारी मिलने के बाद अब नागपुर पुलिस फिर सक्रिय हो गई है और उसके यहां रहने के दौरान मिलने वाले लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।

नागपुर के दिघोरी इलाके में कई साल तक छिप कर रह रहे नूर मोहम्मद को 16 जून 2021 को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद हुए मेडिकल में उसकी बॉडी पर गोली के निशान मिले थे। उसके मोबाइल फोन से कई वीडियो भी मिले थे। अफगानिस्तान दूतावास की ओर से उसके तालिबानी होने की पुष्टि होने के बाद उसे यहां से डिपोर्ट कर वापस उसके देश भेज दिया गया था।

टूरिस्ट वीजा पर आया था नागपुर
नागपुर पुलिस के मुताबिक, नूर साल 2010 में 6 महीने के टूरिस्ट वीजा पर यहां आया था। बाद में, उसने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में अपने लिए शरणार्थी का दर्जा मांगने के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसका आवेदन खारिज कर दिया गया था। तब से वह नागपुर में अवैध रूप से रह रहा था। नूर अविवाहित था और यहां कंबल बेचने का काम करता था। उसकी गिरफ्तारी के बाद उसके किराए के घर की तलाशी में पुलिस को ज्यादा कुछ नहीं मिला था।

नूर का भाई था तालिबान का लड़ाका
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि नूर मोहम्मद का असली नाम अब्दुल हक है और उसका भाई तालिबान के साथ काम करता था। पिछले साल नूर ने धारदार हथियार के साथ सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था। पकड़े जाने के बाद, पुलिस ने पाया कि उसके बाएं कंधे के पास गोली लगने के निशान थे। उसके सोशल मीडिया खातों की जांच की गई, तो यह पाया गया कि वह कुछ आतंकवादियों का फ़ॉलो कर रहा था।

LMG के साथ तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल हुई
नूर की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें वह एलएमजी मशीन गन के साथ नजर आ रहा है। साथ में ही उसके गले और शरीर में बुलेट बंधे हुए हैं। नूर की यह तस्वीर सामने आने के बाद यह माना जा रहा है कि वह एक स्लीपर सेल के रूप में नागपुर में काम कर रहा था। नागपुर पुलिस सूत्रों के मुताबिक, NIA और महाराष्ट्र ATS ने नूर की जानकारी नागपुर पुलिस से ली है और वह जहां, रहता था वहां की फिर से जांच करने को कहा है।

तस्वीर की फिर से जांच कर रही नागपुर पुलिस
नागपुर पुलिस के स्पेशल ब्रांच के डीसीपी बसवराज तेली ने कहा है कि उनके विभाग के पास ऐसी कोई तकनीक नहीं है, जिससे ये पता लगाया जा सके कि ये तस्वीर नूर मोहम्मद की ही है। उन्होंने कहा, अभी इस मामले में कुछ कह पाना ठीक नहीं है।

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