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महात्मा ज्योतिवाराव फुले की 198वीं जयंती कार्यक्रम महाविद्यालय मझौली में आयोजित

महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिवाराव फुले की 198वीं जयंती महाविद्यालय मझौली में हर्षाेल्लास पूर्वक महाविद्यालयीन परिवार द्वारा 11 अप्रैल को मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सामाजिक न्याय विभाग के सेवा निवृत्त जिला प्रमुख कलाकर पी.एल.व्ही. एवं वैदेही फाउण्डेशन जन कल्याण समिति के कार्यक्रम संचालक सुरेन्द्र कुमार शुक्ला ने अपने भावोद्गार रखते हुये कहा कि महापुरूष चाहे जो भी हो जिस देश जाति धर्म का हो जिसने भी इस देश समाज और व्यापक लोक कल्याण के लिये अपना जीवन लोकहित में समर्पित कर देता है वह समाज के लिये हमेशा वंदनीय व स्मरणीय रहेगा। शुक्ल ने कहा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बाद शायद ज्योतिवाराव फुले जी ऐसे महान समाज सुधारक हुये जिन्हें महात्मा की उपाधि मिली। फुले जी के जीवन दर्शन को व शिक्षा विशेषकर नारी शिक्षा पर अपने प्रभावी विचार एवं प्रेरक हृदयस्पर्शी गीतों से एवं अंत में शासन द्वारा चलाई जा रही जलगंगा जल संरक्षण जल संवर्धन पर केन्द्रित गीत से दिल दिमाग को जल संरक्षण हेतु आन्दोलित किया। कार्यक्रम में अगले वक्ताओं में कार्यक्रम के संयोजक प्रो. वी.एल. सिंह अयाम, डाॅ. भावना नागेन्द्र, सुश्री रागिनी तिवारी, डाॅ. संदीप कुमार शर्मा व कृष्णाचन्द्र पाण्डेय ने सारगर्भित भाव सुमन प्रस्तुत किये। कार्यक्रम समापन में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय की प्राचार्य विदुषी डाॅ. गीता भारती ने विस्तार से महात्मा फुले एवं सावित्री वाई फूले के सम्बन्ध में विषम परिस्थितियों में भी इस देश समाज विशेषकर दलित पिछड़े वर्ग के बीच शिक्षा की जो अलख जगाकर देश और समाज के बीच एक शिक्षा की ज्योति जलाकर पूरे समाज को आगे बढ़ने हेतु प्रेरित किया उसे यह देश कभी नहीं भुला पायेगा। फुले जी के जीवन दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुये ऐसे महान समाज सुधारक के जयन्ती में दिल से सहभागिता निभा रहे महाविद्यालयीन परिवार को भी धन्यवाद ज्ञापित किया। महाविद्यालय से वक्ताओं के अलावा डाॅ. वहीदुननिशा, राजकिशोर तिवारी, डाॅ. रेनू सिंह बघेल, डाॅ. असलेन्द्र जायसवाल, डाॅ. शुषमा शुक्ला, कोमल पाण्डेय, पंकज सिघल ने दिल से कार्यक्रम में योगदान देते हुये सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का कुशल संचालन वी.एल. सिंह अयाम द्वारा किया गया।

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