सीधी

तीन दिवसीय बहुभाषीय नाट्य महोत्सव का हुआ भव्य समापन

• “कहानियों का गुच्छा” में दिखी भारतीय लोककथाओं और गुरुकुल परंपरा की झलक

• बघेली ऋतुगीत, विनय पत्रिका एवं नाट्य प्रस्तुति ने मंत्रमुग्ध किए दर्शक

संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय बहुभाषीय नाट्य महोत्सव 2026 का भव्य समापन 17 मई को विवेकानंद सभागार, टाटा कॉलेज परिसर सीधी में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा मां वीणावादिनी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की गई।

बघेली ऋतुगीत और दादरा गीतों ने बांधा समां-

कार्यक्रम की पहली प्रस्तुति मां वीणावादिनी स्वर संगम सीधी के कलाकारों द्वारा दी गई। प्रस्तुति का संयोजन एवं मार्गदर्शन योगेश्वर प्रसाद तिवारी द्वारा किया गया। कलाकारों ने बघेली ऋतुगीत एवं दादरा गीत की शानदार प्रस्तुति देकर सभागार में लोक संस्कृति की सुंदर छटा बिखेर दी। मधुर गायन एवं वादन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरे वातावरण को लोकसंगीत के रंग में रंग दिया। लोकगीत प्रस्तुति में हिमांशु मिश्रा, उमेश मिश्रा, नागेन्द्र सिंह, सदन सिंह, शुभ सिंह, दिलीप सिंह, निधि पाण्डेय, नरेंद्र पाण्डेय, नंदनी केशरवानी, राजकुमार केशरवानी, स्वाति द्विवेदी, श्रीकांत द्विवेदी, खुशी मिश्रा, सुनील मिश्रा, देवेंद्र तिवारी, मानीदास तिवारी, शिवम पाठक, कृष्ण कुमार पाठक, सजल मिश्रा, ज्ञानेश्वर मिश्रा, समर्थ सिंह, रविराय बहादुर सिंह चौहान, शौर्य पाण्डेय एवं सुनील पाण्डेय शामिल रहे।

“अंखियां राह तके” की प्रस्तुति ने जीता दर्शकों का दिल-

तदुपरांत युवा कलाकार सृजन मिश्र द्वारा रोशनी प्रसाद मिश्र रचित गीत “अंखियां राह तके” की यादगार प्रस्तुति दी गई। गीत की स्वर रचना भी सृजन मिश्र द्वारा ही तैयार की गई थी। भावपूर्ण गायन और मधुर प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया तथा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

विनय पत्रिका की प्रस्तुति से भावविभोर हुए श्रोता-

इसके बाद चित्रकूट से पधारे परम पूज्यनीय रामभद्राचार्य महाराज के शिष्य संतोष सिंह ने गोस्वामी तुलसीदास की सुप्रसिद्ध रचना “विनय पत्रिका” की अद्भुत प्रस्तुति दी। उनकी भावपूर्ण वाणी और आध्यात्मिक प्रस्तुति को सुनकर दर्शक एवं श्रोता भावविभोर हो गए। सभागार भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा और उपस्थित लोगों ने प्रस्तुति की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

“कहानियों का गुच्छा” ने बांधा दर्शकों को-

अंतिम प्रस्तुति के रूप में आर्कषणम् जन कल्याण समिति रीवा मध्यप्रदेश द्वारा नाटक “कहानियों का गुच्छा” प्रस्तुत किया गया। नाटक का लेखन प्रिया भदौरिया एवं निर्देशन रेणुका बरमैया द्वारा किया गया। प्रस्तुति भारतीय संस्कृति, लोककथाओं और पारंपरिक गुरुकुल शिक्षा पद्धति पर आधारित रही। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय, संवाद अदायगी एवं भावपूर्ण प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नाटक में आधुनिक समय में मोबाइल की बढ़ती लत और उससे बच्चों के संस्कारों एवं जीवन मूल्यों पर पड़ रहे प्रभाव को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थी जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक कहानियों, संत कबीर के दोहों तथा गुरुकुल परंपरा के संदेशों ने दर्शकों को सोचने पर विवश कर दिया।

प्रस्तुति में मुस्कान सूर्यवंशी, खुशी अहिर्वार, चेतना मंडराई, पायल सिंगोटिया, अनुष्का रजक, अंजलि रजक, प्रांशी भारती, रोहिणी भारती, सोनी भारती, शुभम् शाक्य, मान्या सिंह परिहार एवं साहिल जोशी सहित कई बाल कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय कर दर्शकों की खूब सराहना प्राप्त की। नाट्य प्रस्तुति उपरांत दर्शकों ने कलाकारों का तालियों की गड़गड़ाहट के साथ जोरदार अभिनंदन किया।

कलाकारों का हुआ सम्मान-

इसके बाद अतिथियों द्वारा नाटक की निर्देशिका रेणुका बरमैया, लेखिका प्रिया भदौरिया एवं आकर्षणम् जन कल्याण समिति के निदेशक सौरभ सिंह परिहार को सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही मां वीणावादिनी स्वर संगम के संचालक योगेश्वर तिवारी का सम्मान किया गया। इसके पश्चात अतिथि गायक संतोष सिंह सहित कार्यक्रम में सहभागी अन्य सभी कलाकारों को भी सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रिया पाठक डिप्टी कलेक्टर सीधी रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. रामगरीब पाण्डेय विकल, शिवशंकर मिश्र सरस, बृजेश सिंह सरल, हीरालाल सिंह चंदेल, सुभाषचंद्र मिश्र, अरुणिमा पाठक, पुष्पा पाठक, योगेश्वर प्रसाद तिवारी, राज बहोरन सिंह एवं राम सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था संरक्षक द्वय इंजी. आर.बी. सिंह एवं डॉ. अनूप मिश्र ने की। आयोजन समिति से संस्था के अध्यक्ष रामनरेश सिंह चौहान, संरक्षक बाबूलाल कुंदेर, नीरज कुंदेर, रोशनी प्रसाद मिश्र, रजनीश कुमार जायसवाल, प्रजीत कुमार साकेत, प्रवीण सिंह चौहान, नेहा कुंदेर, राकेश कुमार जायसवाल, अखिलेश चतुर्वेदी, गौरव अवधिया, प्रियांशु मिश्र, अनुभूति कुंदेर एवं अभिनय कुंदेर सहित अन्य कलाकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में नीरज कुंदेर द्वारा आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में सिद्धभूमि इंटरनेशनल स्कूल पनवार सीधी, रमा बल्देव पैलेस सीधी, एक्सट्रीम आर्ट एंड एजुकेशनल सोसायटी सीधी तथा टाटा कॉलेज सीधी का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में जिले के अनेक गणमान्य नागरिक, रंगकर्मी एवं सुधी दर्शक उपस्थित रहे।

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