सीधी

किसानों को आत्मनिर्भर बनाने सरकार प्रतिबद्ध- डॉ. राजेश मिश्रा

• किसान कल्याण वर्ष 2026- सीधी से रवाना हुआ कृषि रथ, 10 दिन तक गांवों में जागरूकता अभियान

किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत किसानों को वैज्ञानिक खेती, आधुनिक तकनीकों और शासन की किसान हितैषी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में सीधी जिले से एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई। जनपद पंचायत सीधी परिसर में आयोजित कृषि चौपाल कार्यक्रम में किसानों से संवाद करते हुए सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने खेती को अधिक लाभकारी, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम के दौरान सांसद ने “कृषि रथ” को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो आगामी 10 दिनों तक जिले के गांव-गांव पहुंचकर किसानों को जागरूक करेगा। अन्य विकासखंडों में भी जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कृषि रथ को रवाना किया गया है। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा संचालित यह कृषि रथ जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, फसल प्रबंधन, जैविक खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग, जल संरक्षण, सिंचाई प्रबंधन, गुणवत्तायुक्त बीज चयन और शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देगा। इस अभियान के माध्यम से कृषि वैज्ञानिक और विभागीय विशेषज्ञ सीधे किसानों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समृद्धि सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में खेती केवल पारंपरिक अनुभव पर आधारित नहीं रह गई है, बल्कि विज्ञान, तकनीक और नवाचार के सहारे इसे अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। सरकार की मंशा है कि किसानों तक सही समय पर सही जानकारी पहुंचे, ताकि वे बेहतर निर्णय लेकर उत्पादन और आय दोनों बढ़ा सकें।उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन नजदीक है और सीधी जिले में धान की खेती बड़े पैमाने पर होती है। ऐसे समय किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता, उर्वरक प्रबंधन, जल संरक्षण, बीज चयन और फसल विविधीकरण की जानकारी मिलना अत्यंत आवश्यक है। सांसद ने किसानों से परंपरागत खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाने और कृषि को बहुआयामी आजीविका के रूप में विकसित करने का आह्वान किया। डॉ. मिश्रा ने कहा कि कृषि विविधीकरण ही किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत माध्यम है। यदि किसान पारंपरिक फसलों के साथ उद्यानिकी, जैविक खेती, दलहन-तिलहन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को अपनाते हैं तो खेती अधिक लाभकारी बन सकती है। उन्होंने कहा कि यह अभियान किसानों को केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खेत स्तर पर समस्याओं की पहचान कर समाधान उपलब्ध कराने का भी माध्यम बनेगा। सांसद ने कहा कि कृषि रथ के माध्यम से वैज्ञानिक गांव-गांव पहुंचकर किसानों के खेतों की स्थिति समझेंगे, आवश्यक परीक्षण करेंगे और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप सुझाव देंगे। इससे किसानों को खेती में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने का अवसर मिलेगा और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी।उन्होंने जैविक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है। इसलिए संतुलित और जैविक खेती को बढ़ावा देना जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी कृषि भूमि सुरक्षित और उपजाऊ बनी रहे। सांसद ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों के हित में निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से सीधी जिले को प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना में शामिल किए जाने को जिले के किसानों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। कार्यक्रम में उपस्थित किसान भाई-बहनों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे खेती को नई दिशा देने वाला अभियान बताया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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