सीधी

महावीर अभियानः गौसेवा बनी संस्कारों की पाठशाला, बच्चों ने सीखा सेवा, संवेदना और अपनत्व का पाठ

सीधी जिला प्रशासन एवं जिला शिक्षा केंद्र की अभिनव पहल ‘महावीर अभियान’ के तहत बच्चों में मानवीय मूल्यों और जीवों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का प्रेरक प्रयास निरंतर जारी है। अभियान के द्वितीय चरण में बच्चों ने गौसेवा के माध्यम से दया, सहानुभूति और सामाजिक जिम्मेदारी का जीवंत संदेश दिया। देव गौशाला पिपरोहर में बच्चों ने श्रद्धा और स्नेह के साथ गौमाता को रोटियां खिलाईं, वहीं कांजी हाउस सीधी में उपचाररत गौवंश को बच्चों और उनके अभिभावकों ने रोटियां, पूड़ियां और गुड़ खिलाकर सेवा भाव प्रकट किया। इस दौरान बेजुबान पशुओं के प्रति बच्चों का अपनापन और संवेदनशीलता देखते ही बन रही थी। कलेक्टर विकास मिश्रा ने कांजी हाउस सीधी पहुंचकर बच्चों और अभिभावकों के साथ उपचाररत गौवंश की सेवा गतिविधियों में सहभागिता की तथा बच्चों को जीवों के प्रति दया, संवेदना और संरक्षण का संदेश दिया। उनकी उपस्थिति ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और यह संदेश दिया कि छोटी उम्र से ही सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के संस्कार विकसित किए जाने चाहिए। इसी क्रम में शासकीय माध्यमिक शाला कंजवार के बच्चों ने ग्राम पंचायत कंजवार के जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों एवं ग्रामीणों के साथ मिलकर गौसेवा की प्रेरक मिसाल पेश की। बच्चों ने बेजुबान गायों को रोटी खिलाकर सेवा, दया, करुणा और सहानुभूति जैसे मानवीय मूल्यों को आत्मसात किया। यह आयोजन बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बना। उल्लेखनीय है कि महावीर अभियान का उद्देश्य बच्चों को मानवीय मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति दया भाव से जोड़ना है। अभियान के प्रथम चरण में भीषण गर्मी को देखते हुए पक्षियों के लिए विभिन्न स्थानों पर सकोरे बांधकर पानी की व्यवस्था की गई थी।
जिला प्रशासन और जिला शिक्षा केंद्र की यह पहल शिक्षा को संस्कारों से जोड़ते हुए नई पीढ़ी में संवेदनशीलता, सेवा और सामाजिक चेतना का संचार करने वाला एक प्रेरक अभियान बनती जा रही है।

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