पीड़ित परिवार अकेला नहीं, शासन हर कदम पर साथ है – दिलीप जायसवाल

सीधी जिले के ग्राम कसिहवा ग्राम पंचायत बघवारी में शनिवार को हुए हृदयविदारक हादसे ने पूरे जिले को गमगीन कर दिया। बिजली के पोल से हुए शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग में एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत ने हर किसी को झकझोर दिया। इस अपूरणीय क्षति पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्काल संज्ञान लेते हुए गहरा शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार मृत बच्चों के परिजनों को 6-6 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई, जिसमें मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 2-2 लाख रुपये तथा मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 4-4 लाख रुपये प्रति मृतक के मान से सहायता राशि स्वीकृत की गई। साथ ही जिला रेडक्रॉस सोसायटी सीधी की ओर से तत्काल 20-20 हजार रुपये की राहत राशि स्वीकृत की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल अपने सभी कार्यक्रमों को निरस्त करते हुए रविवार को मौके पर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की। प्रभारी मंत्री ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इस अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन शासन इस कठिन समय में परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप सहायता राशि के चेक पीड़ित परिवार को सौंपे। इसके अतिरिक्त जनसहयोग से एक लाख रुपये आवास निर्माण के लिए एकत्र किए गए, जबकि प्रभारी मंत्री ने अपनी स्वेच्छा निधि से 40 हजार रुपये अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की ।
सांसद-विधायकों ने शोक संवेदना व्यक्त कर बढ़ाया सहयोग का हाथ-
इस दौरान सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक सीधी श्रीमती रीती पाठक, विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम, विधायक सिहावल विश्वामित्र पाठक एवं समाजसेवी देव कुमार सिंह चौहान ने भी शोक संतप्त परिवार से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की। जनप्रतिनिधियों ने परिजनों को सांत्वना देते हुए दुख की इस घड़ी में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। विधायक श्रीमती रीती पाठक ने तत्काल 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ गृहस्थी के लिए आवश्यक बर्तन एवं वस्त्र उपलब्ध कराए। सांसद एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी परिवार के पुनर्वास और आवश्यक जरूरतों में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
परिवार के पुनर्वास और भविष्य की आवश्यकताओं का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा- कलेक्टर
कलेक्टर विकास मिश्रा ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन केवल तत्काल राहत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि परिवार के पुनर्वास और भविष्य की आवश्यकताओं का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने पंचायत विभाग को आवास निर्माण हेतु आवश्यक तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पीड़ित परिवार की जीवित बची बच्ची के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उसे केंद्रीय विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने तथा परिवार को प्राप्त आर्थिक सहायता राशि को माता एवं बच्ची के नाम सावधि जमा (एफडी) के रूप में सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। घटना के दौरान ग्रामीणों द्वारा उठाई गई मूलभूत समस्याओं पर भी त्वरित निर्णय लिए गए। पेयजल समस्या के समाधान के लिए तत्काल हैंडपंप खनन के निर्देश दिए गए, जबकि राशन वितरण में हो रही परेशानी को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बिजली सुरक्षा संबंधी आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए गए। यह हादसा पीड़ित परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, लेकिन शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की त्वरित संवेदनशील पहल ने यह संदेश दिया है कि दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार अकेला नहीं है। इस दौरान पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी सहित जनप्रतिनिधिगण एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।




