समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

- समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने तय की जवाबदेही और प्राथमिकताएं
सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा ने समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों में तत्परता, गुणवत्ता और समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में राजस्व प्रकरणों के निराकरण, पेयजल आपूर्ति, आपदा प्रबंधन, सीएम हेल्पलाइन, स्वरोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि भू-अर्जन से संबंधित सभी प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों। उन्होंने राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन जैसे मामलों में निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाए तथा निराकृत प्रकरणों का रिकॉर्ड में त्वरित अमल कराया जाए। साथ ही राजस्व वसूली में प्रगति लाने और लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। शहरी क्षेत्रों में अनियोजित विकास को रोकने के लिए अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए बाढ़ आपदा राहत एवं बचाव कार्यों की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया। संबंधित विभागों को राहत एवं बचाव संसाधनों की उपलब्धता, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी बसाहटों में पेयजल आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जहां भी पेयजल संकट की स्थिति हो, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही लू से बचाव के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार तथा उपचार की समुचित व्यवस्था रखने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए गए। बैठक में राहत प्रकरणों में तत्परता से कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर सहायता मिल सके। युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से प्रत्येक विकासखंड में खेल मैदान हेतु उपयुक्त भूमि का चिन्हांकन करने को कहा गया।
शिक्षा के क्षेत्र में कलेक्टर ने विशेष संवेदनशीलता दिखाते हुए विद्यालय एवं महाविद्यालय जाने वाली दिव्यांग बालिकाओं के लिए कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने हेतु चिन्हांकन करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों में शौचालयों को क्रियाशील रखने, पुस्तकालयों एवं प्रयोगशालाओं को सक्रिय रूप से संचालित करने पर जोर दिया। सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध प्रभावी कदम उठाने के लिए नशे के विरुद्ध सख्त एवं प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए गए। आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में विभागों को निर्देशित किया गया कि स्वरोजगार योजनाओं के 30 प्रतिशत लक्ष्य को जून माह के भीतर हर हाल में प्राप्त किया जाए। बैठक के दौरान कलेक्टर ने कलेक्टर समाधान कार्यक्रम के अंतर्गत 5 शिकायतकर्ताओं से सीधे चर्चा कर उनके प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके साथ ही सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता आमजन को त्वरित राहत और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए सभी अधिकारी पूर्ण जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, अपर कलेक्टर बीपी पाण्डेय, उपखंड अधिकारी सिहावल राजेश शुक्ला, गोपद बनास राकेश शुक्ला, मझौली आरपी त्रिपाठी, कुसमी शैलेश द्विवेदी, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी सीएमओ प्रिया पाठक सहित सभी विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।



