आम का पेड़ गिरने से 10 वर्षीय बालिका गंभीर रूप से घायल

गुरुवार की शाम लगभग 4 बजे कुशमी क्षेत्र के भुईमाड़ गांव में आए तेज आंधी-तूफान ने देखते ही देखते भयावह रूप धारण कर लिया। कुछ ही क्षणों में प्रकृति का ऐसा रौद्र स्वरूप देखने को मिला कि लोगों के मन में दहशत व्याप्त हो गई। तेज हवाओं के साथ आए तूफान ने कई स्थानों पर पेड़ों को धराशायी कर दिया, वहीं कुछ मकानों और दुकानों को भी भारी नुकसान पहुंचाया। इसी दौरान एक मार्मिक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। भुईमाड़ निवासी राजेंद्र गुप्ता की 10 वर्षीय पुत्री पावनी गुप्ता अपने घर में विश्राम कर रही थी। तभी उसकी बड़ी बहन ने उसे जगाते हुए कहा कि आंधी के कारण बड़ी संख्या में आम गिर रहे हैं, चलो उन्हें बीन लेते हैं। मासूम पावनी भी उत्साह में अपनी बहन के साथ आम बीनने पहुंच गई।लेकिन किसे पता था कि कुछ ही पलों में यह खुशी एक बड़े हादसे में बदल जाएगी। तेज तूफान के बीच अचानक आम के विशाल पेड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा और पावनी उसकी चपेट में आ गई। पेड़ की भारी डाल के नीचे दबने से उसके सिर और जबड़े में गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और परिजन बदहवास होकर उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरई लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बैढ़न रेफर कर दिया। वहां से बेहतर इलाज के लिए पावनी को जबलपुर भेजा गया है, जहां उसका उपचार जारी है। घटना के बाद पूरे गांव में चिंता और मायूसी का माहौल है तथा लोग बालिका के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। वहीं आंधी-तूफान से गांव में अन्य स्थानों पर भी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। मिश्रीलाल गुप्ता की चक्की दुकान में लगा टीन शेड तेज हवाओं के कारण उड़ गया, जिससे दुकान को काफी क्षति पहुंची है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ ही मिनटों के इस तूफान ने वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कहीं पेड़ उखड़ गए तो कहीं मकानों और दुकानों को नुकसान पहुंचा। भुईमाड़ में आई यह प्राकृतिक आपदा लोगों के लिए लंबे समय तक याद रहने वाली घटना बन गई है।



