जागरूक समाज ही मजबूत न्याय व्यवस्था की नींव – प्रधान जिला न्यायाधीश

- संकल्प से समाधान अभियान अंतर्गत हितलाभ वितरण
म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिले के विकासखंड कुसमी अंतर्गत पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टंसार के प्रांगण में वृहद विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण एवं विशेष रूप से आदिवासी समुदाय को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना, उन्हें न्याय प्रणाली से जोड़ना तथा शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना रहा। शिविर में उपस्थित जनसमूह को निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, पीड़ित प्रतिकर योजना सहित विभिन्न विधिक प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही संकल्प से समाधान अभियान के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा प्राप्त आवेदनों के निराकरण हेतु हितग्राहियों को मौके पर ही हितलाभ वितरित किए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रयाग लाल दिनकर ने शिक्षा के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा कि “शिक्षा ही वह माध्यम है, जो व्यक्ति को उसके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाती है।” उन्होंने मातृशक्ति से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें। उन्होंने बताया कि विधिक जागरूकता शिविरों के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने नेशनल लोक अदालत के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इसके माध्यम से राजीनामा योग्य प्रकरणों का त्वरित, सरल एवं कम खर्च में निराकरण संभव है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है। साथ ही उन्होंने पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत पीड़ित परिवारों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता के बारे में जानकारी दी और लोगों को इसका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
नशा मुक्ति का संदेश, दिलाई गई शपथ-
कार्यक्रम के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा उपस्थित जनसमूह को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। श्री दिनकर ने कहा कि नशा सामाजिक, आर्थिक एवं पारिवारिक विघटन का प्रमुख कारण है और इससे दूर रहकर ही एक स्वस्थ एवं सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।
शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में न्यायिक जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम- कुंवर
विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में न्यायिक जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि जब लोगों को अपने अधिकारों एवं कानून की जानकारी होगी, तभी वे उनका सही उपयोग कर सकेंगे। उन्होंने अत्याचार निवारण अधिनियम सहित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए पात्र हितग्राहियों से लाभ लेने की अपील की। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्राप्त आवेदनों का संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित करें।
पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ प्राप्त हो- कुंवर
कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि शासन का प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी एक लोकसेवक है और उसका प्रमुख दायित्व आमजन तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं सहज तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार देता है और यह तभी संभव है जब उसे समय पर शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त हो। यदि कोई अधिकारी इसमें बाधा उत्पन्न करता है, तो यह नागरिकों के अधिकारों का हनन है। कलेक्टर ने बताया कि शिविर में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा के लिए एक माह पश्चात फॉलो-अप शिविर आयोजित किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी आवेदन लंबित न रहे और पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ प्राप्त हो।
प्रत्येक नागरिक को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने का अधिकार-शिवहरे
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुकेश शिवहरे ने शिविर के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस पहल का लक्ष्य आदिवासी समुदाय को सशक्त बनाना, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को विधिक सहायता उपलब्ध कराना, गरीबी उन्मूलन योजनाओं से जोड़ना तथा मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने का अधिकार है और इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सदैव तत्पर है। विधिक सहायता अधिकारी श्री मनीष कौशिक ने प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए लोगों को उनके उपयोग के लिए प्रेरित किया।
हितलाभ वितरण के माध्यम से योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया-
शिविर में संकल्प से समाधान अभियान के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। मझौली विकासखंड के महिमा उत्पादक समूह को 293308 रुपये की राशि प्रदान की गई। वहीं अष्टभुजी स्व सहायता समूह रोडल, प्रिया स्व सहायता समूह कुसमी एवं कविता स्व सहायता समूह गुड़ुआधार को 1.50 लाख रुपये प्रत्येक का ऋण वितरित किया गया। मछुआ किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत श्रीमती आरती साहू को एक लाख रुपये का स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया। संबल योजना अंतर्गत 6 हितग्राहियों को अनुग्रह सहायता राशि का वितरण किया गया। इसके अतिरिक्त लाडली लक्ष्मी योजना के प्रमाण पत्र, सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृति पत्र, किसानों को स्वाइल हेल्थ कार्ड, पात्र हितग्राहियों को जाति प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड एवं आवास प्लस स्वीकृति पत्रों का वितरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
विभागीय स्टॉल एवं स्वास्थ्य सेवाओं की विशेष व्यवस्था-
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा अपनी-अपनी योजनाओं के प्रचार-प्रसार एवं हितग्राहियों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी प्रदान कर मौके पर ही आवेदन एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष रूप से निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित कर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकतानुसार उपचार एवं परामर्श भी प्रदान किया गया, जिससे लोगों को त्वरित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां-
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोक कलाकारों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता, शिक्षा, नशा मुक्ति एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सराहा।
इनकी रही उपस्थिति-
शिविर में यतीन्द्र कुमार गुरू विशेष न्यायाधीश, दीपक शर्मा प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय सीधी, मनीष कुमार श्रीवास्तव द्वितीय जिला न्यायाधीश, सुश्री उर्मिला यादव प्रअस न्यायाधीश सीधी के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त जिला न्यायाधीश सीधी, सुश्री सुनीता रावत न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सीधी, सोनू जैन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सीधी, सुश्री सरिता चौधरी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सीधी, कपिल देव काछी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सीधी मृदुल लटौरिया न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सीधी, तहसील चुरहट से लालता सिंह न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सुश्री वर्षा भलावी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, राहुल त्रिपाठी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, तहसील मझौली से लोकेश तारन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सीधी, सुश्री शिवांगी सिंह परिहार न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सीधी, सुश्री रूचि परते न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सीधी, तहसील रामपुर नैकिन से प्रकाश कसेर प्रथम अतिरिक्त जिला न्यायाधीश प्रथम श्रेणी सीधी एवं अरहम खान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सीधी उपस्थित रहे। इसके साथ ही जिला पंचायत सदस्य श्रीमती हीराबाई सिंह, जनपद सदस्य श्रीमती जमुनी देवी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, उपखंड अधिकारी कुसमी शैलेश द्विवेदी, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी
जिला पंचायत धनंजय मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत ज्ञानेंद्र मिश्रा सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण जन एवं महिलाएं उपस्थित रहे।



