मोटर दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी एवं बीमा कंपनी के अधिक्वक्तागण के साथ बैठक आयोजित

नेशनल लोक अदालत :-
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रयागलाल दिनकर के मार्गदर्शन में वर्ष की दूसरी नेशनल लोक अदालत 09 मई 2026 का आयोजन जिला न्यायालय सीधी तथा सिविल न्यायालय चुरहट, रामपुर नैकिन एवं मझौली में किया जायेगा।प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष प्रयाग लाल दिनकर तथा विशेष न्यायाधीश/प्रभारी अधिकारी नेशनल लोक अदालत यतीन्द्र कुमार गुरू की अध्यक्षता में नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु समस्त मोटर दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारीगण एवं बीमा कंपनी के अधिक्वक्तागण व आवेदक अधिवक्तागण के साथ शनिवार दिनांक 18 अप्रैल 2026 को ए.डी.आर. भवन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में बैठक का आयोजन किया गया। अध्यक्ष द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी संबंधित पीठासीन अधिकारीगण एवं बीमा कंपनी के अधिक्वक्तागण व आवेदक अधिवक्तागण आपसी समन्वय एवं सक्रिय सहभागिता के साथ कार्य करते हुए अधिक से अधिक प्रकरणों को चिन्हित करें तथा पक्षकारों को नेशनल लोक अदालत के लाभों के संबंध में जागरूक करें, जिससे सहमति के आधार पर त्वरित, सरल एवं सुलभ न्याय सुनिश्चित किया जा सके। उक्त बैठक में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह, द्वितीय जिला न्यायाधीश मनीष कुमार श्रीवास्तव, प्रथम जिला न्यायाधीश राकेश कुमार सोनी, तृतीय जिला न्यायाधीश रवीन्द्र कुमार शर्मा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुकेश कुमार शिवहरे, जिला विधिक सहायता अधिकारी मनीष कौशिक, बीमा कंपनी के अधिवक्तागण राजेन्द्र सिंह परिहार, यज्ञ प्रताप सिंह, परमसुख शुक्ला, सूर्यकान्त पाण्डेय, उत्तम सिंह चौहान उपस्थित रहे। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री दिनकर ने अपील की है कि आगामी दिनांक 09 मई 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में बिजली कंपनी द्वारा राशि में विशेष छूट प्रदान की गई है जिसके लिए आमजन को सूचित कर अपने विद्युत से संबंधित प्रकरण का निराकरण कराये एवं शासन की योजनाओं का लाभ लें।नेशनल लोक अदालत के जरिए विद्युत अधिनियम के प्रकरणों में विशेष छूट का सुनहरा अवसर-नेशनल लोक अदालत में न्यायालय में लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया जावेगा। लोक अदालत के माध्यम से राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरणों, सिविल प्रकरणों, चेक बाउंस प्रकरणों, वैवाहिक एवं पारिवारिक प्रकरणों, विद्युत अधिनियम के प्रकरणों, धन वसूली प्रकरणों आदि का निराकरण पक्षकारों की आपसी सहमति से किया जावेगा। नेशनल लोक अदालत में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के लिए निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवाट भार तक के गैर घरेलू, 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को छूट दी जावेगी। इन प्रकरणों में प्री-लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि में 30 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जावेगी। लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि में 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जावेगी। सामान्य विद्युत देयकों के विरूद्ध बकाया राशि पर कोई छूट नहीं दी जावेगी। यह छूट मात्र नेशनल लोक अदालत दिनांक 09.05.2026 में समझौता करने के लिए ही लागू रहेगी। अपराध शमन फीस, अधिनियम के प्रावधान अनुसार वसूल की जावेगी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष प्रयाग लाल दिनकर ने अपील की है कि आगामी दिनांक 09 मई 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में बिजली कंपनी द्वारा राशि में विशेष छूट प्रदान की गई है जिसके लिए आमजन को सूचित कर अपने विद्युत से संबंधित प्रकरण का निराकरण कराये एवं शासन की योजनाओं का लाभ लें।



