सीधी

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान पर गोष्ठी सम्पन्न, जागरूकता पर दिया गया जोर

मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार शासकीय महाविद्यालय मड़वास में “बाल विवाह मुक्त भारत अभियानरू चुनौतियां और आगे की राह” विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य गोपाल चौरसिया ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए शिक्षा सबसे प्रभावी माध्यम है, जिससे समाज में जागरूकता बढ़ेगी और इस कुरीति पर अंकुश लगेगा।गोष्ठी में भूगोल विभाग के तेज प्रकाश कुशवाहा ने बताया कि बाल विवाह से छात्राओं के मानसिक एवं शारीरिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वहीं डॉ. ज्योति रजक ने कहा कि कम उम्र में गर्भधारण से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर बढ़ने का खतरा बना रहता है। इतिहास विभाग के डॉ. दीपक अग्निहोत्री ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि बाल विवाह के कारण शिक्षा बाधित होती है, जिससे छात्राएं बेहतर भविष्य और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे नहीं बढ़ पातीं। कार्यक्रम में छात्रा कुमारी कामोलिका जायसवाल एवं माधुरी नामदेव ने भी अपने विचार व्यक्त कर बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुरेंद्र गुप्ता ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. रामधारी जायसवाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के अजीत चौधरी, डॉ. राजेश पटेल, बाबाहरीनंद, प्रवीण कुमार, डॉ. राजेश सिंह, अनिल केवट सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button