स्वास्थ्य, पोषण और जागरूकता एक साथः पंचायतों में विशेष शिविरों का आयोजन

• ग्रामीणों को घर के पास मिलेगी स्वास्थ्य जांच और उपचार सुविधा
• गर्भवती महिलाओं, किशोरी बालिकाओं और बच्चों पर विशेष ध्यान
सीधी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से कलेक्टर विकास मिश्रा ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत अब ग्राम पंचायत स्तर पर क्रमबद्ध स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिससे एक साथ आसपास की 3 से 4 ग्राम पंचायतों के लोगों को लाभ मिल सके। इसी क्रम में 04 अप्रैल को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक मझौली के बोदरीटोला, सिहावल के पोड़ी, रामपुर नैकिन के कुशमहर और सीधी के माटा में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में विशेष रूप से गर्भवती एवं धात्री महिलाएं, कुपोषित बच्चे और किशोरी बालिकाएं केंद्र में रहेंगी। साथ ही बुजुर्गों के स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श की भी समुचित व्यवस्था की जाएगी। शिविर में मरीजों को निःशुल्क जांच, आवश्यक दवाइयों का वितरण, बच्चों का वजन एवं ऊंचाई मापन जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आवश्यकता होने पर गंभीर मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला चिकित्सालय रेफर भी किया जाएगा। इसके अलावा जिन दिव्यांगजनों के प्रमाण पत्र नहीं बने हैं, उन्हें चिन्हांकित कर जिला मेडिकल बोर्ड के लिए भेजा जाएगा। शिविरों के माध्यम से बाल विवाह के दुष्प्रभाव, परिवार नियोजन, स्वास्थ्य एवं पोषण योजनाओं के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही आसपास के छात्रावासों में रह रहे बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के प्रयास भी किए जाएंगे। इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा आयुष विभाग पंचायतों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करेंगे। कलेक्टर श्री मिश्रा ने वरिष्ठ अधिकारियों को समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि शिविरों की गुणवत्ता और व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। इस संबंध में आयोजित बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास प्रवेश मिश्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बबीता खरे, सिविल सर्जन डॉ. एस.बी. खरे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि खंड स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।



