सीधी

नारी शक्ति वंदन अधिनियम स्वतंत्र भारत के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय — मनीष सिंह

• नारी शक्ति बंधन अधिनियम पर भाजपा ने आयोजित की पत्रकार वार्ता

नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश का भाग्य बदलने की क्षमता वाला अधिनियम बनेगा। हमारी माताए और बहने देश के नवनिर्माण के सभी निर्णय में बराबर की सहभागी और साक्षी बनेंगी। नारी शक्ति बंधन अधिनियम मातृशक्ति के लिए अविस्मरणी क्षण और वरदान साबित होगा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं बल्कि सदियों से प्रतीक्षा रत, उस सामाजिक न्याय की प्रतिज्ञा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने धरातल पर उतारा है। यह विधेयक महिलाओं को केवल वोट बैंक समझने वाली मानसिकता को ध्वस्त कर, उन्हें नीति निर्धारण और नेतृत्वकारी भूमिका में बैठाने का ऐतिहासिक काम करेगा। उक्त आशय के विचार भारतीय जनता पार्टी प्रदेश नेतृत्व द्वारा निर्देशित स्थानीय सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक श्रीमती मनीषा सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कही। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती मनीषा सिंह ने कहा कि नारी शक्ति बंधन अधिनियम स्वतंत्र भारत के इतिहास का वह स्वर्णिम अध्याय है, जो हमारी माता बहनों को याचक से नायक की भूमिका में स्थापित करेगा। वर्षों से संसद की दहलीज पर खड़ी हमारे भारत की बेटियों का इंतजार अब खत्म होगा क्योंकि यह अधिनियम उन्हें वह राजनीतिक सामर्थ दे रहा है । जहां वे स्वयं अपने और देश के भविष्य का फैसला करेंगे । प्रदेश उपाध्यक्ष और विधायक श्रीमती सिंह ने कहा कि यह विधेयक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उसे गारंटी का प्रमाण है जिसे दर्शकों से राजनीति के हासिऐ पर खड़ी भारत की बेटियों को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार उन्हें देकर ,उन्हें राष्ट्र का भाग्य विधाता बना दिया है। इस अधिनियम का लक्ष्य है कि 2029 में जब देश मे नई सरकार बनेगी तब संसद के गलियारों में 33 प्रतिशत सीटों पर नारी शक्ति की गूंज सुनाई देगी। कांग्रेस महिला विरोधी, दशकों से महिला आरक्षण के नाम पर आंखों में झांकी धूल-पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती मनीषा सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक महिला आरक्षण के नाम पर देश की आंखों में धूल झोंका है। उनके लिए है विधायक केवल चुनाव की घोषणा पत्र का पन्ना मात्र था, जिसे उन्होंने कभी नियत के साथ लागू नहीं किया। कांग्रेस ने 1996 से 2014 के बीच केवल और केवल राजनीति की। 2010 में राज्यसभा में बिल पास होने के बावजूद सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने इसे अगले 4 साल तक लोकसभा में पेश नहीं किया, क्योंकि उनके लिए महिलाओं का हक नहीं बल्कि अपनी कुर्सी और गठबंधन की मजबूरियां अधिक महत्वपूर्ण थी। कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को जातियों और संप्रदायों में बाट कर देखा। लेकिन मोदी जी ने उन्हें एक शक्ति के रूप में एकजुट किया। शाहबानो का प्रकरण इसका ज्वलंत उदाहरण है। श्रीमती सिंह ने कांग्रेस को आडो हाथों लेते हुए कहा कि बहुमत भी तुम्हारा था और हुकूमत भी तुम्हारी थी, फिर क्यों 70 सालों तक नारी शक्ति हारी थी। तुम तुष्टीकरण में अपना भविष्य बनाते रहे ,देश की बेटियां हक मांगती रही और तुम अनसुना करते रहे।मोदी सरकार में हुआ महिलाओं का सशक्तिकरण -प्रदेश उपाध्यक्ष और विधायक मनीष सिंह ने कहा कि विगत 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत महिला नेतृत्व आधारित विकास मॉडल की ओर अग्रसर हुआ है। देश में महिलाएं बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसती थी वही मोदी सरकार ने 12 करोड़ से अधिक इज्जत घर बनाकर उनकी गरिमा की रक्षा की। उज्ज्वला योजना के जरिए 10.33 करोड़ महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली और 73 प्रतिशत पीएम आवास सीधे महिलाओं के नाम पर रजिस्टर्ड किए गए, जिससे उन्हें संपत्ति का मालिकाना हक मिला। प्रधानमंत्री मोदी जी ने महिलाओं को अर्थव्यवस्था की मुख्य धारा में जोड़ा। 56 करोड़ जनधन खातों में से 56 प्रतिशत खाते हमारी मातृ शक्ति के हैं। मुद्रा योजना के तहत 14.72 लाख करोड रुपए के 35 करोड़ से अधिक लोन महिलाओं को दिए गए, जिससे वह नौकरी मांगने वाली नहीं बल्कि नौकरी देने वाली बनी। 10 करोड़ महिलाएं स्व सहायता समूह से जुड़ी हैं, जिन्हें 11 लाख करोड़ की वित्तीय मदद दी जा रही है। 35 करोड़ से अधिक मुद्रा लोन और लखपति दीदी बनाने का संकल्प यह दर्शाता है कि मोदी जी के राज में अब सिर्फ घर नहीं बल्कि देश की अर्थव्यवस्था चल रही है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का ही परिणाम है कि आज भारत में पहली बार 1000 पुरुषों पर 1020 महिलाएं हुई हैं । आज भारत में पुरुषों की तुलना में अधिक महिलाएं उच्च शिक्षा में दाखिला ले रही हैं। नागरिक उड्डयन में सबसे अधिक संख्या में महिला पायलट है। भारतीय वायु सेवा में महिलाएं पायलट अब लड़ाकू विमान उड़ा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वह ऐतिहासिक पल देखा, जब श्रीमती द्रोपति मुर्मू जी के रूप में देश को पहले आदिवासी महिला राष्ट्रपति मिली। आरबीआई चीफ और अर्धसैनिक बलो का नेतृत्व करने वाली हमारी महिलाएं ही हैं। कुल मिलाकर मोदी सरकार ने योग्यता को सम्मान देते हुए, हर महत्वपूर्ण संस्थानों की चाबी महिलाओं को सौपी है, जो काबिले तारीफ है।पत्रकार वार्ता के अंत में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती मनीषा सिंह ने देश की समस्त महिलाओं की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस शानदार अधिनियम के लिए अभिनंदन किया है। पत्रकार वार्ता का संचालन जिला मीडिया प्रभारी सुरेंद्र मणि दुबे और आभार प्रदर्शन पत्रकार वार्ता की संयोजक महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष पूनम सोनी ने किया। इनकी रही खास उपस्थिति-इस अवसर पर प्रमुख रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू राम जी सिंह, जिला उपाध्यक्ष अभियान टोली की संयोजक डॉ मनीला सिंह चौहान, टोली की सदस्य सरस्वती बहेलिया, सुनीता रानी वर्मा, पूजा सिंह कुशराम, उषा गोपाल पटेल, जिला उपाध्यक्ष शिवदान साकेत, सोशल मीडिया के संभागीय सह संयोजक जितेंद्र तिवारी साहित्य सैकड़ो प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और वेब मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button