प्रधानमंत्री की सोच, मुख्यमंत्री के संकल्प से जल संरक्षण को मिली नई गति – सांसद

- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आह्वान पर जिलेभर में गंगा दशहरा पर जल संरक्षण का जनअभियान, ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में हुए व्यापक कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जल संवर्धन संकल्प के अनुरूप जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 के अंतर्गत गंगा दशहरा के अवसर पर सीधी जिले की सभी 400 ग्राम पंचायतों एवं सभी नगरीय निकायों में व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए गए। जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता और जनजागरूकता को केंद्र में रखकर जिलेभर में श्रमदान, स्वच्छता अभियान, कलश यात्रा और दीपदान जैसे आयोजन किए गए। सांसद डॉ. राजेश मिश्रा की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत बम्हनी में कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसके अतिरिक्त 05 ग्राम पंचायतों में खंड स्तरीय तथा 20 ग्राम पंचायतों में क्लस्टर स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां जिला स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया। शेष 394 ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत स्तर पर जनभागीदारी के साथ कार्यक्रम संपन्न हुए। इसके साथ ही जिले के सभी नगरीय निकायों में भी जल संरक्षण को लेकर जनजागरूकता एवं श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। जल संरक्षण और जल संचयन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अनेक पहल की गई हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन का व्यापक अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल आज की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है। जनभागीदारी से ही ऐसे अभियान सफल होते हैं और सीधी जिले में जिस उत्साह के साथ लोग इस अभियान से जुड़े हैं, वह अत्यंत प्रेरणादायक है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में चल रहे जल संरक्षण अभियान के तहत ग्राम पंचायतों एवं नगरीय क्षेत्रों में ऐसे तालाब, स्टॉप डैम, नदी एवं अन्य जल संरचनाओं का चयन किया गया, जिनके समीप पूजा स्थल स्थित हैं। इन स्थलों पर श्रमदान और सामुदायिक सहभागिता से व्यापक साफ-सफाई की गई। जल स्रोतों की स्वच्छता के साथ मंदिर परिसरों की सफाई, प्रांगण में लगे मकड़ी के जालों को हटाने और धार्मिक स्थलों को व्यवस्थित करने का कार्य भी किया गया। कार्यक्रमों के दौरान पूजा स्थल से जल स्रोत तक कलश यात्रा एवं जागरूकता रैली निकाली गई। प्रतिभागियों ने जल स्रोतों से कलश में जल भरकर पुनः पूजा स्थलों तक पहुंचाया, जिससे जल के प्रति सम्मान और संरक्षण का संदेश दिया गया। रैली के उपरांत ‘जल गंगा संवर्धन अभियान 2026, जिला सीधी (म.प्र.) अंकित संदेश के साथ जल स्रोतों पर आटे के दीपक जलाकर दीपदान किया गया। इसी क्रम में कलेक्टर विकास मिश्रा ने रामपुर नैकिन के ग्रामपंचायत ममदर और नगर परिषद के दसौंधा तालाब पहुंचकर कार्यक्रम में सहभागिता की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी है। जनसहभागिता से ही जल स्रोतों का संरक्षण और संवर्धन संभव है। उन्होंने नागरिकों से जल बचाने और प्राकृतिक जल स्रोतों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम न होकर जनआंदोलन के रूप में सामने आया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं एवं नगरीय क्षेत्र के नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। अभियान ने जल संरक्षण के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के साथ प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण का मजबूत संदेश दिया।




