सीधी

दो-बच्चों की शर्त समाप्त करने पर मुख्यमंत्री के निर्णय का मध्य प्रदेश शिक्षक संघ ने किया स्वागत

मध्य प्रदेश शिक्षक संघ सीधी के जिलाध्यक्ष सतीश कुमार पाण्डेय ने बताया कि मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रातांध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर के अथक प्रयासों से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शासकीय सेवाओं में नियुक्ति एवं सेवा संबंधी नियमों में लागू दो-बच्चों की अधिकतम सीमा संबंधी प्रस्तावित प्रावधान को निरस्त किए जाने का निर्णय लिया गया । जिसका मध्य प्रदेश शिक्षक संघ सीधी द्वारा स्वागत किया गया है। संघ ने इसे कर्मचारी हित में लिया गया संवेदनशील एवं दूरदर्शी निर्णय बताया है। मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग को प्रस्तावित मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों में दो से अधिक जीवित संतान होने पर शासकीय सेवा के लिए अपात्र माने जाने संबंधी प्रावधान हटाने तथा संबंधित प्रारूप को तत्काल निरस्त करने के निर्देश देना कर्मचारियों एवं युवाओं के हित में महत्वपूर्ण कदम है। संघ ने कहा कि वर्ष 2001 से लागू व्यवस्था के अनुसार दो से अधिक जीवित संतान वाले अभ्यर्थियों को शासकीय सेवाओं की सीधी भर्ती एवं विभागीय नियुक्तियों के लिए अपात्र माना जाता था। वर्तमान परिस्थितियों में इस प्रकार के प्रतिबंधात्मक प्रावधान अनेक योग्य अभ्यर्थियों के लिए अवसरों में बाधा उत्पन्न कर रहे थे। मुख्यमंत्री द्वारा इस विषय पर पुनर्विचार करते हुए कर्मचारी हित में निर्णय लेना सराहनीय है। मध्य प्रदेश शिक्षक संघ सीधी के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षक एवं कर्मचारी वर्ग लंबे समय से सेवा नियमों को अधिक व्यावहारिक एवं न्यायसंगत बनाने की अपेक्षा कर रहा था। मुख्यमंत्री का यह निर्णय समान अवसर, सामाजिक न्याय तथा कर्मचारी कल्याण की दिशा में सकारात्मक पहल है। जिला सचिव रामजी शुक्ला एवं कोषाध्यक्ष सुरेंद्र तिवारी तथा संपूर्ण कार्यकारिणी जिला सीधी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं प्रांताध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर सिंह राठौड़ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि प्रदेश सरकार भविष्य में भी शिक्षकों एवं कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेती रहेगी।

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