सीधी

कलश यात्रा के साथ पूजापार्क में श्रीराम कथा शुभारंभ

राम का चरित्र सोपान और सेतु की कथा है- पं. बाला व्यंकटेश शास्त्री

सीधी-स्थानीय पूजापार्क सीधी में श्रीकृष्ण रसामृत समिति के सौजन्य से श्री रामकथा का शुभारंभ 4 बजे सायं से हुआ।फूलमती मंदिर अमहा से मंगल कलशयात्रा बाजे गाजे के साथ चलकर पूजापार्क पहुॅची। व्यास पीठ पर विराजमान कथा प्रवक्ता पं बालाव्यंकटेश महराज वृन्दावनोपासक का माल्यार्पण से स्वागत तथा व्यास पीठ का पूजाअर्चन समिति के संरक्षक सुरेन्द्र सिंह बोरा तथा अध्यक्ष श्रीमती कुमुदिनी सिंह पार्षद ने किया।मंगलाचरण के माध्यम से कथा को विस्तार देते हुए व्यास बाला व्यंकटेश महराज ने कहा कि रामकथा के सबसे सीधे और सुधी श्रोता पूज्य पवनपुत्र हनुमान जी हैं। अतएव हनुमान जी जैसा चाहेंगे वैसा ही राम ज्ञान यज्ञ होगा। पूजापार्क की यह राम कथा भारतीय ज्ञान परम्परा और रामकथा विषय पर आधारित रहेगी। तुलसी बाबा तथा तुलसी कृत रामायण के औचित्य को निरूपित करते हुए महराज जी ने बताया कि रामचरित मानस लोक मानस का इतना लोकप्रिय महाग्रंथ है कि उसकी पूजा भारतीय संस्कृति के पोषक और आध्यात्मिक साधु संत ही नही बल्कि एक साधारण मजदूर किसान तक करके संतोष की श्वास लेता है। राम का चरित्र सेतु की कथा है। यह कथा राम के पूर्वार्द्ध और उत्तरार्द्ध की कथा है। यह प्रेमपथ वन के मार्ग और संशय पथ के मार्ग को प्रशस्त करती है। आगे व्यास महराज ने कहा की राम की कथा सोपान की कथा भी है जिसमे भरत के प्रेम को प्रगट किया गया है। इतना ही नही भक्त और भगवान के दर्शन को भी रूपायित किया गया है। राम कथा की लोक प्रियता को अनेक प्रसंगो के माध्यम से व्यास जी ने महनीय निरूपित किया। राम कथा की व्यास पीठ का पूजा अर्चना प्रारंभ में संरक्षक सुरेन्द्र सिंह बोरा, लालमणि सिंह बरिष्ठ अधिवक्ता, अंजनी सिंह सौरभ, सचिव डाॅ श्रीनिवास शुक्ल सरस, श्रीमती माधुरी सिंह, रामसखी गुप्ता, डाॅ रामसुशील शुक्ल, राजमणि मिश्र, प्रशांत पाण्डेय उमरिया, नीलाम्बर सिंह बघेल, अशोक सोनी तथा हजारी लाल गुप्त डाढी आदि ने किया। समिति के अध्यक्ष ने अधिक से अधिक संख्या में पधारने की अपील सीधी के श्रद्धालु श्रोताओ से  किया है। कथा प्रसंग 11 जनवरी तक अविरल 2 बजे से 6 बजे तक चलती रहेगी।

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