पूज पार्क में चल रही कथा का दूसरा दिवस

सीधी-स्थानीय पूजापार्क सीधी में चल रही संगीतमय श्रीरामकथा के दूसरे दिन कथा प्रवक्ता पंडित बाला व्यंकटेश शास्त्री का श्रीकृष्णरसामृत समिति के पदाधिकारी सुरेंद्र सिंह बोरा अध्यक्ष श्रीमती कुमुदिनी सिंह सचिव डॉ0 श्रीनिवास शुक्ल सरस अंजनी सिंह सौरभ समाजसेवी लालमणि सिंह वरिष्ठ अधिवक्ता सहित कई श्रद्धालु भक्तों ने माल्यार्पण से व्यासपीठ की पूजा एवं स्वागत किया। कथा का शुभारमभ करते हुए व्यास जी ने कहा कि मानस सर और मानसरोवर में चार घाट हैं। पहला घाट मन का है। जिसमे तुलसी बाबा बैठे हुये हैं। दूसरा घाट बुद्धि का है। जहाँ शिव पार्वती विराजमान हैं। तीसरा घाट चित्त का है जिसमे बैठे हैं। याज्ञवल्क और चौथा घाट है अहंकार का जहाँ काग भुसुंडि का निवास है आगे व्यास जी ने बताया कि चार आसन भी हैं। मन का आसन श्वासों एवं ग्रंथों में मिथिला तथा बुद्धि का आसन अयोध्या बताया गया है। इसी प्रकार चित्त का आसन चित्रकूट और अहंकार का आसन लंका को बताया गया है। इस प्रकार श्रीरामकथा में श्रद्धालु भक्तों को डुबोते हुए कथा प्रवक्ता ने श्री ज्ञानगंगा मानस के कई दुर्लभ प्रसंगों का रहस्योद्घाटन किया।



