जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा में भाषण प्रतियोगिता आयोजित


क्रान्तिकारी विरसामुण्डा जो आदिवासी समुदाय के होकर भारत की स्वतंत्रता आन्दोन में अंग्रेजो के छक्के छुड़ा दिए थे। शोषण एवं अन्याय के विरूद्ध उनके द्वारा लड़ी गई लड़ाई के कारण ही भगवान विरसा मुण्डा कहलाये। उनकी याद में पखवाड़ा मनाया जा रहा है। भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार दिनाॅक 1 नवंबर से 15 नवंबर तक आयोजित किये जा रहे जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा अन्तर्गत आज आवासीय आदिवासी कन्या शिक्षा परिसर में भगवान विरसा मुण्डा के जन्म एवं स्वतंत्रता आंदोलनों में उनके योगदान विषय पर परिचर्चा एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में शिक्षा परिसर की 24 छात्राओं ने अपनी प्रस्तुति दी।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था संस्थापक राजेन्द्र सिंह भदौरिया द्वारा भगवान विरसा मुण्डा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा गया कि आदिवासी महिलाओ में 1981 की जनगणना में हमारा सीधी जिला महिला साक्षरता दो प्रतिशत से भी कम थी वहीं आदिवासी महिलाओं का शैक्षणिक स्तर न्यून था। उनके शैक्षणिक स्तर एवं संस्कृति की रक्षा के लिए आवासीय आदिवासी कन्या शिक्षा परिसर की स्थापना हुई। श्री भदौरिया ने आदिवासी बालिकाओं को शिक्षा के विकास के साथ ही आदिवासी सामाजिक संस्कृति को बनाए रखने का आहवान किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा परिसर के प्राचार्य ए.पी. सिंह द्वारा जनजातीय गौरव वर्ष पखवाडे के दौरान आयोजित होने वाली गतिविधियों से संबंध में जानकारी दी गई एवं आज भाषण प्रतियोगिता कार्यक्रम के अवसर अपने विचार व्यक्त करते हुए भगवान बिरसा मुण्डा जी के जीवन से जुड़ी विभिन्न घटनाओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया तथा स्वतंत्रता आन्दोलन में उनके योगदान पर विभिन्न जानकारियां प्रतिभागियों से साझा की गई।
कार्यक्रम में भगवान विरसा मुण्डा की याद में सेल्फी विद भगवान विरसा मुण्डा का भी आयोजन था जिसमें उपस्थित अतिथियों के साथ- साथ छात्राओं की सेल्फी ली गई। इस आयोजन को सफल बनाने में न शिक्षण संस्थान से सुस्मिता द्ववेदी, कार्यक्रम अधिकारी, श्रीमती रेखा सिंह क्षेत्र सहायक, रिंकेश साहू, शीतल द्विवेदी शिक्षक एन.एन.टी. एवं शिक्षा परिसर का समस्त स्टाफ की महत्वपूर्ण भुमिका रही । कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका ऋचा द्विवेदी द्वारा किया गया।



