भारतीय संस्कृति

नवरात्र में प्रसिद्ध देवी मंदिरों में सजा माता का दरबार

बटौली, घोघरा, फूलमती, अष्ठभुजी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का लगा तांता
प्रसिद्ध देवी मंदिरों मेंं भव्य मेले का हो रहा आयोजन
सीधी। चैत्र नवरात्र में प्रसिद्ध देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। नवरात्र में श्रद्धालुओं की भीड़ जलाभिषेक एवं पूजा अर्चना के लिए भोर से ही देवी मंदिरों में उमडऩा शुरू हो जाती है। चैत्र नवरात्र को देखते हुए प्रसिद्ध देवी मंदिरों को विशेष तौर पर सजाया गया हैै। जिला मुख्यालय के समीपी बटौली देवी मंदिर में नवरात्र के दिनों मेंं सर्वाधिक भीड़ उमड़ती है। यहां विशेष अनुष्ठान भी किये जा रहे हैं। प्रसिद्ध बीरबल की वरदानी देवी मां चंद्रिका घोघरा देवी मंदिर में भक्तों का तांता लगा हुआ है। इसके साथ ही फूलमती मंदिर सीधी, कुसमी ब्लॉक के मां अष्टभुुजी देवी गोतरा मंदिर, झदवा देवी मंदिर चुरहट, रामपुुर नैकिन ब्लॉक के दुरासिन देवी मंदिर, बहरी तहसील के लौआ देवी मंदिर एवं मझौली तहसील के मडफ़हा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की सर्वाधिक भीड़ जलाभिषेक एवं पूजा अर्चना करनें के लिए पहुंंच रही है। चैत्र नवरात्र के नौ दिनों तक देवी मंदिरों मेें विविध धार्मिक आयोजन भी हो रहे हैं। चैत्र नवरात्र का कई मायनों में विशेष महत्व माना जाता है। इस वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में चैत्र नवरात्र के प्रारंभ होते ही श्रद्धालु जवारा के लिए बुवाई का कार्य भी करते हैं। जिससे नवमीं पर मां दुर्गा को जवारा चढ़ाया जा सके। सीधी जिले के प्रसिद्ध देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमडऩे के कारण जिला पुलिस द्वारा विशेष व्यवस्थाएं भी बनाई गई हैं। जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं का पूजा अर्चना करनें में किसी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। प्रसिद्ध मंदिरों में सुबह से ही पुलिस बल तैनात रहता है। जिनमें महिला पुलिस कर्मी भी शामिल हैं। बताते चलें कि मां जगतजननी की साधना और आराधना के लिए विशेष माने जाने वाले चैत्र नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च से हुई है। वैसे तो नवरात्र के सभी दिन शुभ फलदायी माने जाते हैं लेकिन इस दौरान ग्रह नक्षत्रों के मेल से बन रहे कुछ खास संयोग नवरात्र को और अधिक शुभ फलदायी बना रहे हैं। नवरात्र 27 मार्च तक रहेगी। नवरात्र में श्रद्धालु माता रानी के अलग-अलग स्वरूपों की साधना और आराधना करेंगे। नवरात्र को शुभ कार्यों के लिए भी उत्तम फलदायी माना जाता है। ज्योतिषियों ने बताया कि नवरात्र के दिन खरीददारी सहित सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए उत्तम माने गए हैं। इसमें सोना, चांदी, वाहन, भूमि, भवन आदि की खरीदारी करना श्रेष्ठ होता है। वैसे तो नवरात्र के सभी दिन शुभ होते हैं। चर्चा के दौरान कुछ श्रद्धालुओं ने बताया कि नवरात्र का काफी बेसब्री से इंतजार रहता है। नवरात्र के दिनों में मां के भक्त उनकी आराधना में 9 दिनों तक लीन रहते हैं। इस दौरान काफी संख्या में भक्तगण ब्रत भी रख रहे हैं। जिसके चलते बाजार में फलों के दाम भी काफी बढ़ गए हैं। फिर भी भक्तगण अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार फलाहार की व्यवस्था बना रहे हैं। नवरात्र में हर तरफ मां के भक्ती की धूम मची हुई है। गरीब एवं अमीर सभी अपनी आस्था के अनुसार मां की पूजा-अर्चना में डूबे हुए हैं। देवी मंदिरों में इन दिनों अल सुबह से लेकर शाम तक भक्तों की आवाजाही बनी हुई है। मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है।

सुबह से श्रद्धालुओं की उमड़ रही भीड़ –

शहर के गायत्री मंदिर, फूलमती मंदिर, दुुर्गा मंदिर दक्षिण करौंदिया, बटौली देवी मंदिर, घोघरा देवी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में बड़ी संख्या में दर्शनार्थी पहुंच रहे हैं। यहां माता रानी की अखंड ज्योति जलने के साथ ही नौ दिनों तक अनुष्ठान भी किए जा रहे हैं। विशेष मुहूर्त चैत्र नवरात्र में बनने से इसको लेकर भी मां के भक्तों में विशेष उत्साह देखा जा रहा हैै। आर्थिक रूप से सक्षम लोग जहां इस योग में सभी प्रकार की स्थाई सम्पत्ति की खरीदी करनें की तैयारी कर रहे हैं। वहीं सामान्य भक्तगण इस योग में मां की आराधना करने में जुटे हैं। मां दुर्गा को शक्ति की देवी माने जाने के कारण काफी संख्या में उनके भक्त हैं। कई भक्त अलग-अलग प्रयोजनों को लेकर चैत्र नवरात्र में धार्मिक गतिविधियों का आयोजन भी हो रहा है। उधर प्रसिद्ध देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र पर अनेक धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन हो रहा है। कुछ श्रद्धालुओं द्वारा विशेष तौर पर इसके लिए ज्योतिषियों को भी लगाया गया है। ज्योतिषियों द्वारा नवरात्र के दिनों में अपने यजमानों की मन्नतों को पूरा करने के लिए खासतौर से अनुष्ठान किए जा रहे हैं। चैत्र नवरात्र में काफी संख्या में श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना में समर्पित हैं। कुछ लोग तो नवरात्र में उपवास भी रहकर अपनी आस्था को प्रदर्शित कर रहे हैं। नवरात्र के दिनों को धार्मिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस वजह से लोग नवरात्र के दिनों में धार्मिक गतिविधियों के आयोजन को लेकर पूर्व से ही तैयारियां बनाए रहते हैं। नवरात्र का समापन 27 मार्च रामनवमी को होगा। इस वजह से रामनवमी पर भी विशेष धार्मिक अनुष्ठान देवी मंदिरों में आयोजित किए जाएंगे।

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