नेहरू पार्क में साइकिल, क्रिकेट व फुटबॉल का कब्जा, प्रशासन मौन

सिंगरौली शहर का चाचा नेहरू पार्क जो कभी लोगों के सुकून और स्वास्थ्य के लिए जाना जाता था, आज अराजकता का अखाड़ा बन चुका है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अब यहां टहलना किसी जोखिम से कम नहीं रह गया है। सुबह-शाम सैर के लिए आने वाले लोग साइकिल, क्रिकेट और फुटबॉल खेलते बच्चों के बीच खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार पूरी तरह से आंख मूंदे बैठे हैं। पार्क में खुलेआम साइकिल दौड़ाई जा रही हैं, वहीं क्रिकेट और फुटबॉल के खेल ने पूरे परिसर पर कब्जा जमा लिया है। तेज रफ्तार साइकिल और उछलती गेंदें कभी भी किसी को चोटिल कर सकती हैं। कई बार लोग बाल-बाल बचे हैं, लेकिन इसके बावजूद न तो कोई नियम लागू हो रहा है और न ही किसी तरह की रोक-टोक दिखाई दे रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि पार्क की देखरेख के लिए तैनात कर्मचारी भी हालात के आगे बेबस नजर आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक जब भी वे बच्चों को रोकने की कोशिश करते हैं, उन्हें धमकी और मारपीट तक का सामना करना पड़ता है। गार्ड की स्थिति भी इससे अलग नहीं है, वह सब कुछ देखते हुए भी कुछ करने की स्थिति में नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी कभी पार्क का निरीक्षण करने नहीं आते। नतीजा यह है कि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और अराजक तत्वों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। जो पार्क कभी परिवारों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित स्थान हुआ करता था, अब वही डर और अव्यवस्था का प्रतीक बन गया है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि अब लोग इस पार्क से दूरी बनाने लगे हैं। सवाल यह है कि आखिर कब जागेगा प्रशासन, क्या किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार किया जा रहा है? अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो नेहरू पार्क का नाम सिर्फ कागजों में रह जाएगा और जमीन पर यह अराजकता का स्थायी अड्डा बन जाएगा।



