साहब मैं चंदरसा निवासी ही हूं मनरेगा मे काम करते हैं

कुसमी जनपद के ग्राम पंचायत करैल का एक अजीबो गरीबो मामला सामने आया है जिसमे कुछ यूट्यूबर द्वारा मनमर्जी करते हुए यह दावा किया जा रहा है की छोटेलाल सिंह व उसकी पत्नी अनारकली सिंह करैल ग्राम पंचायत के चंदरसा गांव के निवासी नही हैं जबकि छोटेलाल सिंह व उसकी पत्नी द्वारा गुरुवार को सोशल मीडिया के माध्यम से आधारकार्ड हांथ मे लेकर यह बताया जा रहा है की मैं ग्राम पंचायत करैल अंतर्गत पति पत्नी चंदरसा निवासी ही हूं हम लोगो का पेशा मजदूरी करना ही है । मजदूरी करके ही अपना भरण पोषण कर रहें हैं।वहीं इस संबंध मे ग्राम पंचायत के सचिव शिवप्रसाद यादव द्वारा मीडिया को बताया गया कि छोटेलाल सिंह व अनारकली 1998-99 से चंदरसा गांव के ही मूल निवासी हैं जो चंदरसा गांव मे 25-30 वर्षो से निवासरत हैं दोनों जीवित हैं ।आगे शिवप्रसाद यादव ने बताया कि कुछ यूट्यूब मे इन्ही दोनों लोगो को 1286 रूपये एक दिन की मजदूरी भुगतान लेने का झूठा अफवाह फैलाया जा रहा है जबकि भारत सरकार के पोर्टल मे ही नियम नही है एक दिन का इतना मजदूरी भुगतान करने का 193 रूपये 2022 मे था हमने 193 रूपये प्रति दिवस के ही हिसाब से मजदूरी भुगतान दिए हैं । आज वही मजदूरी 267 रूपये है। यह मजदूर पहले भी थे आज भी हैं जो सच्चाई यही है पहले भी काम करते थे आज भी काम करते हैं। इन लोगो का जो मजदूरी भुगतान होता था उस दर से हमने भुगतान किया है । दोनों पति- पत्नी आज भी चंदरसा गांव मे निवासरत हैं।शिकायतकर्ता द्वारा अफवाह फैलाया जा रहा है।पति पत्नी द्वारा शोशल मीडिया के माध्यम से आवाज लगाई गयी है कि हम चंदरसा निवासी ही हैं । ऐसे मे अफवाहो पर भी विराम लग गया है जो हकीकत थी छोटेलाल ने अपने जुबा से बयां कर दिए हैं।



