सिंगरौली

शासकीय जमीन पर कब्जे का खेल! आमों पंचायत में सामुदायिक भवन परिसर बना अवैध बस्ती

• खसरा नंबर 356/1 पर तेजी से उग रहे कच्चे मकान और झोपड़ियां, प्रशासन मौन — ग्रामीणों में आक्रोश

जनपद पंचायत देवसर अंतर्गत ग्राम पंचायत आमों में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे का बड़ा मामला सामने आया है। सामुदायिक भवन परिसर की वह जमीन, जो खसरा क्रमांक 356/1 के तहत शासकीय प्रयोजन के लिए सुरक्षित दर्ज है, अब धीरे-धीरे कब्जाधारियों के निशाने पर आ गई है। मिली जानकारी के अनुसार, बीते एक महीने के भीतर ही इस कीमती सरकारी भूमि पर कई कच्चे मकान और बांस-बल्लियों की झोपड़ियां खड़ी कर दी गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गांव के ही कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से इस जमीन पर कब्जा किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इसे निजी उपयोग में लिया जा सके।प्रशासन की चुप्पी पर सवाल-सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर खुलेआम हो रहे इस अवैध निर्माण पर पंचायत और प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ रही? या फिर जानबूझकर नजरें फेर ली गई हैं?ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह पूरी शासकीय भूमि कब्जाधारियों के हाथ चली जाएगी। ग्रामीणों में बढ़ता आक्रोश-गांव के जिम्मेदार नागरिकों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए तत्काल अतिक्रमण हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि सामुदायिक भवन जैसी सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर कब्जा होना पूरे गांव के अधिकारों का हनन है। तथा यह मामला सिर्फ एक गांव की जमीन का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। यदि प्रशासन अब भी नहीं जागा, तो यह अवैध कब्जा आने वाले समय में एक बड़े भू-माफिया खेल का रूप ले सकता है।

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