भुईमाड़ में उत्साहपूर्वक मनाई गई डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती, निकाली गई बाइक रैली

मंगलवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भुईमाड़ के प्रांगण में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत भव्य बाइक रैली के साथ हुई, जो विद्यालय परिसर से प्रारंभ होकर भुईमाड़ चौराहा होते हुए गैवटा पहुंची। वहां हरिदर्शन साकेत द्वारा निर्मित बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उपस्थित जनसमूह ने उन्हें नमन किया। रैली आगे बढते हुए देवरी सोनगढ़ और करैल मार्ग से होते हुए पुनः भुईमाड़ लौटी, जिसके उपरांत विद्यालय में एक सुसंगठित मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर संकुल प्राचार्य सुजीत कुमार सिंह ने अपने संबोधन में बाबा साहब का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू नामक गाँव में हुआ था। उनके पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल था और माता का नाम भीमाबाई नामक था संघर्षपूर्ण जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने 32 डिग्रियाँ अर्जित कर शिक्षा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षित एवं संगठित रहने का संदेश देते हुए सामाजिक समरसता पर बल दिया। एवं उनके संघर्षों की कहानियां बताई। वहीं सोनगढ़ हाईस्कूल के प्राचार्य जयनंदन साकेत ने बाबा साहब के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने समानता, न्याय और शिक्षा के माध्यम से समाज को नई दिशा प्रदान की। उनका जीवन संघर्ष, साहस और आत्मसम्मान की अमूल्य प्रेरणा देता है। कार्यक्रम का संचालन अंजनी लाल यादव द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्याम कार्तिक साहू, भीमलाल विश्वकर्मा, संदीप द्विवेदी, चेतमणि साकेत सहित अनेक शिक्षक एवं सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे, जिन्होंने बाबा साहब के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। अंत में भण्डारे का आयोजन किया गया।



