कार्यस्थल पर लैंगिक समानता पर कार्यशाला, छात्र-छात्राओं को दी गई जागरूकता

• नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा के तहत मझौली महाविद्यालय में आयोजन
शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय मझौली में “कार्यस्थल पर लैंगिक समानता” विषय पर एक प्रभावी कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग भोपाल के निर्देशन तथा महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. गीता भारती के मार्गदर्शन में नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा एवं स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वाधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित नीता सिंह प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डॉगा ने कहा कि कार्यस्थल पर लैंगिक समानता का अर्थ है महिलाओं और पुरुषों को समान अवसर, सम्मान, वेतन एवं अधिकार प्रदान करना तथा किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करना। सह-वक्ता प्रीता शुक्ला प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाड़ ने अपने उद्बोधन में कहा कि पारंपरिक सोच और रूढ़िवादिता से ऊपर उठकर महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर देने होंगे, तभी समाज में वास्तविक समानता स्थापित हो सकेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. गीता भारती ने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हैं, किंतु महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी अभी भी अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही उन्होंने कार्यस्थल पर लैंगिक संवेदनशीलता, यौन उत्पीड़न की रोकथाम तथा आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की भूमिका और कार्यप्रणाली पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में डॉ. सुरेश तिवारी, डॉ. वहीदुन निशा, डॉ. रेनू सिंह, डॉ. असलेंद्र जायसवाल, डॉ. सुषमा शुक्ला, डॉ. कोमल पांडे, गुलाब सिंह, मनीष सोनी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया।कार्यक्रम का संयोजन प्रोफेसर रागिनी तिवारी द्वारा किया गया, जबकि अंत में डॉ. संदीप कुमार शर्मा समन्वयक स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।



