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सिविल सर्जन को कालिख पोतने के मामले में 7 शिव सैनिकों की जमानत याचिका खारिज न्यायालय ने सभी को जेल भेजा

जिला न्यायालय ने सिविल सर्जन को कालिख पोतने के मामले में शिव सैनिकों के खिलाफ चल रहे मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए 7 शिव सैनिकों की जमानत याचिका खारिज करते हुए सभी को जेल भेज दिया। मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे मुख्य आरोपी विवेक पांडे सहित कुल सात आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद सभी आरोपियों को जिला जेल पडरा भेज दिया गया।जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों के बीच लगभग एक घंटे तक लंबी बहस चली। मुख्य आरोपी विवेक पांडे और छह अन्य आरोपियों की ओर से एडवोकेट रोहित मिश्रा और एडवोकेट राजेंद्र गुप्ता ने पैरवी की। वहीं आरोपी मनीष सिंह बघेल का पक्ष एडवोकेट मनोज सिंह चौहान ने रखा।अभियोजन पक्ष की ओर से एडीपीओ पूजा गोस्वामी ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने केस डायरी के साथ आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड प्रस्तुत किए और तर्क दिया कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। फरियादी एस.बी. खरे ने भी अदालत में उपस्थित होकर जमानत का विरोध किया।बचाव पक्ष के वकील रोहित मिश्रा ने तर्क दिया कि घटना के समय फरियादी एस.बी. खरे अस्पताल में ड्यूटी पर नहीं थे बल्कि अपने निजी क्लिनिक से जा रहे थे। इसलिए सरकारी सेवक होने की स्थिति लागू नहीं होती और सरकारी कर्मचारी से जुड़ी धारा लगाने का कोई आधार नहीं है। हालांकि, अदालत ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया।लगभग एक घंटे तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने सभी सातों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज करने का निर्णय सुनाया। फैसले के बाद आरोपियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल भेज दिया गया।

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