मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिए सख्त निर्देश – कानून व्यवस्था, सुरक्षा और जनहित सर्वाेच्च प्राथमिकता


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून और व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी जिलों में महत्वपूर्ण धार्मिक, ऐतिहासिक और सार्वजनिक स्थलों पर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे संवेदनशील स्थलों पर चौकसी बढ़ाई जाए तथा अतिविशिष्ट व्यक्तियों के दौरे के समय सुरक्षा चाक-चौबंद रखी जाए।मुख्यमंत्री ने बताया कि भोपाल में होने वाले इजिमा मेले में लाखों श्रद्धालु शामिल होंगे। इसके लिए भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और यातायात नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि मैदानी अमले की सक्रियता बढ़ाकर असामाजिक तत्वों और अपराधियों पर कड़ी कार्यवाही करें ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 नवम्बर को जबलपुर और अलीराजपुर में जनजातीय गौरव दिवस के राज्य स्तरीय समारोह होंगे तथा सभी जिलों में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को हर्षाेल्लास से मनाया जाएगा। इसके लिए आवश्यक तैयारी और व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।उन्होंने यह भी बताया कि 13 नवम्बर को सिंगल क्लिक के माध्यम से सोयाबीन उत्पादक किसानों को 230 करोड़ रुपये की भावांतर राशि जारी की जाएगी, जिससे लगभग एक लाख पच्चीस हजार किसानों को लाभ मिलेगा। बैठक में यह भी बताया गया कि 1 दिसम्बर से कोदो और कुटकी का समर्थन मूल्य पर उपार्जन प्रारंभ होगा। रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, उमरिया और मऊगंज जिलों को किसानों के पंजीयन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि नरवाई जलाने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्यवाही की जाए तथा रोटावेटर, हैप्पी सीडर और सुपर सीडर जैसी आधुनिक तकनीक के उपयोग हेतु किसानों को प्रेरित किया जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलेक्ट्रेट के एनआईसी केंद्र से कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी और पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी शामिल हुए।



