शिक्षा परिसर की छात्राओं ने कैनवास पर दिखाया अपनी प्रतिभा का हुनरआवासीय कन्या शिक्षा परिसर सरेठी में रंगोली एवं चित्रकला का हुआ आयोजन

भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार दिनाॅक 1 नवंबर से 15 नवंबर तक आयोजित किये जा रहे जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा के अगले चरण में आवासीय आदिवासी कन्या शिक्षा परिसर की बालिकाओं के मध्य आदिवासी संस्कृति एवं रहन-सहन पर आधारित पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन शिक्षा परिसर के सभागार में किया गया। जिसमें 28 बालिकाओं ने भाग लिया और अपनी प्रतिभा को कैनवास पर चित्रकारी कर प्रदर्शत किया।इस दौरान छात्राओं द्वारा रंगो एवं फूलों से शानदार आकर्षक रंगोली बनाई गई रंगोली में आदिवासी नृत्य औजार पशु एवं भगवान बिरसा मुंडा का रंगोली चित्र आदि का सुंदर सजीव वर्णन रंगोली के मध्य छात्राओं द्वारा प्रस्तुति दी गई रंगोली का अवलोकन जन शिक्षण संस्थान से श्रीमती रेखा सिंह ,सुश्री शीतल द्विवेदी, रिंकेश जी ने किया एवं छात्रों के इस प्रयास की भरपूर प्रशंसा की है।इस अवसर पर संस्था प्राचार्य ए.पी.सिंह ने चित्रकला एवं रंगोली का अवलोकन करते हुए कहा कि वास्तव में चित्रकला किसी भी व्यक्ति के मनोभावों को व्यक्त करने का शसक्त माध्यम है कोई भी व्यक्ति जो चित्रकला में माहिर होता है वह बिना बोले ही कई सामाजिक विषयों को अपने चित्रों के माध्यम से आईना दिखाने का प्रयास करता है। अतः आवश्यक है कि हम सभी इस कला के माध्यम से दिए गए विषयों पर समाज को जागृत करने का प्रयास करें क्योंकि चित्र व्यक्ति के मानस पटल पर गहरा प्रभाव छोड़ते है।कार्यक्रम में उपस्थित कार्यक्रम प्रभारी शिक्षक अंजनी सिंह एवं कीर्ति गुप्ता द्वारा छात्राओं का उत्साह वर्धन करते हुए बताया गया कि वास्तव मे यह कला बेजुबान होते हुये भी बहुत कुछ कह जाती है जिसके लिए वाणी की आवश्यकता नहीं होती। चित्रकार क्या सोचता है यह उसके द्वारा उकेरे गए चित्रों या पोस्टरों के माध्यम से समझा जा सकता है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षा परिसर के शिक्षिका प्रवीण सिंह, दीपिका सिंह, ऋचा द्विवेदी, प्रमिला सिंह, अर्चना सिंह, निरसिया सिंह एवं शिक्षक बाबेलाल केवट, सुनील मिश्रा, धर्मेन्द्र सिंह, संजय गुप्ता एवं जानकी, विकास की भूमिका महत्वपूर्ण रही।



