सिंगरौली

पीएम आवास में फर्जीवाड़ा, शिकायत दबाने के आरोपों से चितरंगी जनपद में हड़कंप

धमकी और पीसीओ के व्यवहार पर उठे गंभीर सवाल

प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर जनपद पंचायत चितरंगी के ग्राम पंचायत धरौली में विवाद गहराता जा रहा है। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों ने पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला अब स्थानीय स्तर से निकलकर प्रशासनिक गलियारों तक पहुंच गया है, जिससे क्षेत्र में खलबली मच गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत धरौली में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्रता और आवंटन को लेकर गड़बड़ी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता दिलीप मिश्रा का आरोप है कि आवास योजना में गड़बड़ी की दो बार शिकायत की गई, लेकिन जिम्मेदारों ने दोनों बार ही शिकायत की बिना उचित जांच के जानबूझकर बंद कर दिया गया। उनका कहना है कि मामले को दबाने के लिए पंचायत स्तर से लेकर जनपद स्तर तक राजनीति प्रभाव का इस्तेमाल किया गया। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें लगातार दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। स्थानीय लोगों के बीच भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि कहीं न कहीं बड़े स्तर पर गड़बड़ी को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है।

पीसीओ ने किया अमर्यादित भाषा का प्रयोग –

विवाद उस समय और बढ़ गया जब कथित रूप से नशे में चूर पीसीओ शंकर प्रसाद दीपांकर ने पत्रकार को फोन कर आपत्तिजनक और असंगत बातें कहीं। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान पीसीओ ने खुद को अधिक पढ़ा-लिखा बताते हुए पत्रकार को चुनौती दी कि वह कलेक्टर और जिपं सीईओ से जानकारी ले सकता है। इस तरह का रवैया न केवल प्रशासनिक मर्यादा के खिलाफ माना जा रहा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अधिकारी अपने व्यवहार में कितने जिम्मेदार हैं।

इनका कहना:-
चितरंगी सीईओ से बात करिए। उनको शिकायत बताइए। मेरे संज्ञान में जानकारी आपके द्वारा दी गई है। जांच कराई जाएगी।
अरविंद डामोर
जिपं अतिरिक्त सीईओ, सिंगरौली

इनका कहना:-
मैं अभी बाहर हूं। सोमवार को चितरंगी पहुंच जाऊंगा। पीएम आवास धरौली में शिकायतकर्ता की शिकायत क्लोज कराई गई है और गड़बड़ी हुई है तो इसकी हम जांच कराएंगे। पीसीओ ने जो अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया है, वह गलत है।
मान सिंह
सीईओ, चितरंगी

Related Articles

Back to top button