सीधी

प्रधानमंत्री के “टीबी मुक्त भारत” के संकल्प को साकार करने के लिए जन-जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण हथियार – रीती पाठक

विश्व टीबी दिवस 2026ः सीधी में 100 दिवसीय ‘टीबी-मुक्त भारत अभियान’ का भव्य शुभारंभ

विश्व टीबी दिवस के अवसर पर जिला स्वास्थ्य समिति (क्षय) सीधी द्वारा “जन-जन का रखे ध्यान, टीबी-मुक्त भारत अभियान” के तहत 100 दिवसीय विशेष अभियान का भव्य शुभारंभ जिला चिकित्सालय परिसर में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक श्रीमती रीती पाठक उपस्थित रहीं, जिन्होंने दीप प्रज्वलित कर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बबीता खरे, सिविल सर्जन डॉ. एस. बी. खरे, जिला क्षय अधिकारी डॉ. हिमेश पाठक सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, छात्राएं, जनप्रतिनिधि एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि श्रीमती रीती पाठक ने कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी को समाप्त करना केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के “टीबी मुक्त भारत” के संकल्प को साकार करने के लिए जन-जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण हथियार है। हर नागरिक को टीबी के लक्षणों-जैसे लगातार खांसी, वजन घटना, बुखार और कमजोरी की जानकारी होनी चाहिए, ताकि समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित हो सके। उन्होंने युवाओं, विशेषकर छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे “टीबी जागरूकता दूत” बनकर अपने परिवार, मोहल्ले और गांवों में लोगों को जागरूक करें। श्रीमती पाठक ने यह भी कहा कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है और सरकार द्वारा निःशुल्क जांच व उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, इसलिए किसी भी प्रकार की झिझक या भ्रांति को त्यागकर लोग आगे आएं और जांच कराएं। विधायक ने निक्षय मित्र बनकर क्षेत्र के दो जरूरतमंद मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार एवं पोषण में सहयोग का संकल्प लिया। साथ ही उपस्थित जनों से निक्षय मित्र बनने की अपील की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बबीता खरे ने बताया कि इस 100 दिवसीय अभियान के दौरान जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग, जांच और उपचार की सुविधाएं सुलभ कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान, नियमित दवा सेवन (डॉट्स पद्धति) और पोषण सहायता सुनिश्चित करना अभियान की प्राथमिकता है। जिला क्षय अधिकारी डॉ. हिमेश पाठक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे समाज में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि हर छात्र अपने आसपास के 10 लोगों को भी टीबी के बारे में जागरूक करे, तो यह अभियान तेजी से सफल हो सकता है। कार्यक्रम के दौरान पोस्टर एवं बैनर के माध्यम से टीबी उन्मूलन के संदेश प्रदर्शित किए गए। उपस्थित लोगों को टीबी उन्मूलन की शपथ भी दिलाई गई। साथ ही लघु संबोधनों के माध्यम से यह संकल्प दोहराया गया कि आगामी 100 दिनों में जिले के प्रत्येक घर तक टीबी संबंधी जानकारी और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। अभियान के अंतर्गत घर-घर सर्वे, संदिग्ध मरीजों की पहचान, निः शुल्क जांच, उपचार एवं पोषण सहायता जैसे कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। कार्यक्रम का समापन “Yes! We Can End TB” के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सभी ने मिलकर सीधी जिले को टीबी मुक्त बनाने का दृढ़ निश्चय व्यक्त किया।

Related Articles

Back to top button