आसुरी शक्तियों के विनाश के लिए भगवान ने लिया अवतार- शत्रुघ्न दास

सीधी शहर के हृदय स्थल में 108 श्री राम नाम संकीर्तन से संकल्पित अध्यात्म रामायण मंदिर के संस्थापक ब्रह्मलीन ब्रह्महर्षी गोपाल दास जी महाराज के मंदिर में रामनवमी के अवसर पर राम जन्म उत्सव मनाया गया। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि में इस नवरात्रि की शुरुआत होती है इन दिनों में मां के नव स्वरूपों की पूजा हुई भक्तों में नवरात्रि को लेकर बहुत उत्साह देखने को मिला नवरात्रि की आखिरी दिन रामनवमी का पर्व मनाया गया। भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में यह पर मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्री राम का जन्म हुआ था इसलिए इस दिन रामनवमी का पर्व मनाया जाता है जहां भगवान राम और माता सीता की पूजा अर्चना की गई। संत सतगुरु दास जी महाराज ने कहा धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान राम को विष्णु का सातवां अवतार माना जाता है । शास्त्रों में वर्णित है कि त्रेता युग में धरती पर असुरों का उत्पादन बढ़ गया था। असुर ऋषियों के यज्ञ को खंडित कर दिया करते थे। धरती पर आसुरी शक्तियों के विनाश के लिए भगवान विष्णु ने धरती पर श्री राम के रूप में अवतार लिया था। भगवान श्री राम ने धर्म की स्थापना के लिए पूरे जीवन अपार कष्ट को सहा और एक आदर्श नायक के रूप में स्वयं को स्थापित किया उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम कहां जाता है। कठिन से कठिन परिस्थितियों में श्री राम ने धर्म का त्याग नहीं किया और ना ही अनीति का वर्णन किया। इन सब गुणों के चलते उन्हें उत्तम पुरुष की संज्ञा मिली और मर्यादा पुरुषोत्तम कहा गया। इस दौरान मंदिर परिसर में ढोल नगाड़े आतिशबाजी,भजन कीर्तन एवं प्रसाद वितरण हुआ। जहां मुख्य पुजारी संत शत्रुघ्न दास ,संत विशेश्वर दास,संत राजेश्वर दास,संत विष्णु दास, संत निर्मला बाई, भजन कीर्तन में मुख्य रूप से चंद्रमुखी सिंह,वंदना द्विवेदी, अन्नपूर्णा द्विवेदी, निर्मला पांडे ,सपना शुक्ला, मीना नामदेव ,द्रोणाचार्य तिवारी ,ज्ञानेंद्र द्विवेदी ,पुष्पेंद्र मिश्रा, धीरेंद्र सिंह परिहार, अवध राज सिंह, संस्कार सोनी, योगेंद्र सोनी ,नरेंद्र कुमार मिश्रा, राधा कृष्ण शुक्ल, सुशील सिंह, सिंगर धर्मेंद्र मिश्रा, पार्थ शर्मा ,विनोद विश्वकर्मा, अंशु गुप्ता, दिलीप कुमार सिंह ,अखंड प्रताप सिंह ,राजेश गुप्ता, वसंतलाल सेन, जितेंद्र कुमार द्विवेदी ,कृष्ण प्रसाद पांडे ,यज्ञ प्रकाश तिवारी कुंवर, कृष्णा पांडे, कुसुम कली विश्वकर्मा, खुशी गुप्ता ,रश्मि गुप्ता शालू श्रेया गुप्ता ,पलक द्विवेदी ,अभय द्विवेदी ,खुशी पांडे ,दिव्या सिंह ,संध्या सिंह, निर्मल पांडे, शालिनी पांडे, सुशील पांडे आदि सैकड़ो की तादाद में मातृशक्ति एवं पुरुष भक्तगण उपस्थित रहे।




