सिंगरौली

गैस एजेंसियों के खुलते ही उमड़ी भीड़, लंबी कतारों से जूझ रहे उपभोक्ता

  • ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे उपभोक्ता और बढ़ी अव्यवस्था, घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर महिलाएं, बुजुर्ग और युवा, बैढ़न गैस एजेंसी का हाल

सिंगरौली जिले में घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर इन दिनों हालात चिंताजनक बनते जा रहे हैं। गैस एजेंसी खुलते ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं, जिससे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। सुबह जैसे ही एजेंसी का शटर उठता है, वैसे ही सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और नौकरीपेशा लोग लाइन में खड़े नजर आते हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने पहले से ऑनलाइन गैस बुकिंग कर रखी है, इसके बावजूद समय पर सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो पा रही है। मजबूरी में उन्हें एजेंसी पहुंचकर लाइन में लगना पड़ रहा है। कई लोग अपनी रोजमर्रा की नौकरी और काम छोड़कर घंटों इंतजार करते हैं, फिर भी गैस मिलना तय नहीं होता, जिससे नाराजगी बढ़ती जा रही है। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग गैस लेने पहुंच रहे हैं, जिससे स्थिति और भी जटिल हो गई है। ऐसे में यह सवाल खड़ा हो रहा है कि प्राथमिकता किसे दी जाए, पहले से बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को या मौके पर लाइन में लगे लोगों को। स्पष्ट व्यवस्था के अभाव में अव्यवस्था बढ़ती जा रही है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि एलपीजी एवं कॉमर्सियल गैस पर्याप्त मात्रा में है। अफवाहों के चलते भीड़ लग रही है। प्रशासन ने अफवाहों से बचने के लिए सतर्क किया।

एलपीजी गैस की अचानक बढ़ी मांग-

एजेंसी संचालकों का कहना है कि गैस की मांग अचानक बढ़ गई है, जबकि आपूर्ति सीमित है, जिसके कारण यह स्थिति बनी है। वहीं कुछ उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग लाइन में लगकर गैस बुक कराते हैं और बाद में उसे अधिक कीमत पर बेच देते हैं, जिससे आम जनता परेशान हो रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाया जाए। साथ ही एजेंसी परिसर में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल की तैनाती की भी मांग की जा रही है। इस बीच चर्चाएं यह भी हैं कि गैस और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर चल रही खबरों के चलते लोग एहतियातन सिलेंडर भरवाने के लिए आगे आ रहे हैं, जिससे मांग में अचानक वृद्धि हुई है। हालांकि बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है कि यदि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, तो फिर इतनी लंबी कतारें क्यों लग रही हैं।

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