सीधी

किसान कल्याण वर्ष बनेगा मिशन, कलेक्टर ने तय किया स्पष्ट लक्ष्य

• किसानों से सीधा संवाद, योजनाओं का लाभ पहुंचाने प्रशासन सक्रिय

• हाट-बाजार में लगेगी कृषि चौपाल, गांव-गांव पहुंचेगा जागरूकता अभियान

• सीमांत किसानों पर विशेष ध्यान, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

किसान कल्याण वर्ष के तहत सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा द्वारा आयोजित समीक्षा बैठक में किसानों से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाएं और प्रत्येक प्रक्रिया को किसान अनुकूल बनाया जाए। कलेक्टर ने कहा कि किसानों से संबंधित सभी विषय इस पहल में शामिल हैं, इसलिए यह आवश्यक है कि योजनाओं का लाभ हर पात्र किसान तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को उनकी स्थानीय बोली में सरल और सहज भाषा में योजनाओं की जानकारी दी जाए, ताकि वे बिना किसी कठिनाई के लाभ प्राप्त कर सकें। बैठक में तकनीकी सहयोग को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कलेक्टर ने कहा कि आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी और सहायता किसानों तक पहुंचाई जाए। सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करते हुए परिणाम आधारित कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही सीमांत एवं लघु किसानों पर विशेष ध्यान केंद्रित करने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। प्रचार-प्रसार के लिए दीवार लेखन, जनजागरूकता अभियान तथा हाट-बाजारों में कृषि चौपाल आयोजित करने की योजना पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि क्षेत्रीय स्तर पर होने वाली गतिविधियों की जानकारी जनप्रतिनिधियों से साझा की जाए और उनके सुझावों को भी शामिल किया जाए। बैठक में जोन अनुसार योजना बनाकर कार्य करने, वर्ष की प्रथम तिमाही से ही योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाने तथा प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के अंतर्गत प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर कार्य करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय के विविध स्रोत विकसित करने तथा उनकी आजीविका को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि कृषि को लाभकारी बनाने के लिए उत्पादन के साथ-साथ विपणन और मूल्य संवर्धन पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।बैठक के अंत में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसान कल्याण वर्ष को अभियान के रूप में संचालित किया जाए, जिससे जिले के प्रत्येक किसान तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और उनकी आर्थिक स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित हो सके। बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button