नशे की लत पूरी करने के लिए वाहन चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, 3 मोटरसाइकिलें बरामद

सीधी कोतवाली पुलिस ने नशे की लत पूरी करने के लिए वाहन चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर 3 मोटरसाइकिलें बरामद करने में बड़ी सफलता पाई है। पुलिस अधीक्षक सीधी संतोष कोरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव एवं उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अमन मिश्रा के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अभिषेक उपाध्याय के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस ने वाहन चोरी की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। पुलिस के अनुसार दिनांक 18 अप्रैल 2026 को फरियादी रोहित गुप्ता एवं हुकुमलाल केवट ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 17 अप्रैल 26 एवं 18 अप्रैल 26 की दरमियानी रात अज्ञात चोरों द्वारा उनकी तीन मोटरसाइकिलें (होंडा हॉरनेट, हीरो पैशन प्रो एवं हीरो एनएक्सजी) चोरी कर ली गई हैं। रिपोर्ट पर तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।पुलिस कार्रवाई एवं पूंछताछ का तरीका- विवेचना के दौरान कोतवाली पुलिस ने घटना स्थल के आसपास के वीडियो फुटेज खंगाले और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने एक संदिग्ध अखिलेश विश्वकर्मा पिता हीरालाल विश्वकर्मा उम्र 21 वर्ष निवासी बैरीहा को चिन्हित कर हिरासत में लिया शुरुआती पूंछताछ में आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए लगातार टालमटोल करता रहा और घटना से अनभिज्ञता जताता रहा। किंतु जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य सामने रखे और कड़ाई से पूंछताछ की, तो आरोपी टूट गया और उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। आरोपी ने पूंछताछ में खुलासा किया कि वह नशे का आदी है। अपनी नशे की लत और महंगे शौक पूरे करने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे, जिसकी पूर्ति के लिए उसने वाहनों की चोरी करना शुरू किया। वह इन वाहनों को बेचकर प्राप्त राशि से नशा करता था।आरोपी से बरामद मशरूका -आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की गई तीनों मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। होंडा हॉरनेट एमपी 53 एमसी 9621 कीमती लगभग 60 हजार रूपए , हीरो पैशन प्रो एमपी 53 एमजे 3657 कीमती लगभग 50 हजार रूपए , हीरो एनएक्सजी एमपी 53 एमडी 3928 कीमती लगभग 50 हजार रूपए शामिल है। जप्त की गई तीनों मोटरसाइकिलों की कीमत लगभग 1लाख 60 हजार रूपए हैं। अग्रिम कार्रवाई एवं टीम-प्रकरण में अन्य आरोपियों की संलिप्तता के संबंध में तलाश जारी है। इस सराहनीय कार्य में निरीक्षक अभिषेक उपाध्याय, उप निरीक्षक विवेक द्विवेदी, प्रआर रण बहादुर सिंह, सूरज सिंह एवं आरक्षक अनुराग यादव की विशेष भूमिका रही।



