जनगणना में जनभागीदारी का सशक्त संदेशः सांसद डॉ. राजेश मिश्रा एवं विधायक रीती पाठक ने की स्व-गणना

सीधी जनगणना प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से क्षेत्र के सांसद डॉ. राजेश मिश्रा एवं विधायक श्रीमती रीती पाठक ने स्वयं आगे आकर स्व-गणना के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कराई। इस पहल के माध्यम से उन्होंने आमजन को यह संदेश दिया कि जनगणना केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी और सहभागिता से जुड़ा राष्ट्रीय दायित्व है। इस अवसर पर सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि देश के समग्र एवं संतुलित विकास के लिए सटीक और अद्यतन आंकड़ों का होना अत्यंत आवश्यक है। जनगणना से प्राप्त आंकड़े ही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के समुचित वितरण और भविष्य की नीतियों के निर्धारण का आधार बनते हैं। उन्होंने बताया कि स्व-गणना की डिजिटल सुविधा नागरिकों को सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक माध्यम प्रदान करती है, जिससे वे बिना किसी परेशानी के अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। उधर विधायक श्रीमती रीती पाठक ने कहा कि जनगणना में प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता सुनिश्चित होना जरूरी है, ताकि क्षेत्र की वास्तविक स्थिति सामने आ सके और उसी के अनुरूप विकास कार्यों की योजना बनाई जा सके। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने परिवार की सही जानकारी दर्ज करें।स्व-गणना की समय-सीमा एवं प्रक्रिया-स्व-गणना की प्रक्रिया 16 अप्रैल से प्रारंभ होकर 30 अप्रैल तक जारी रहेगी। इसके पश्चात 01 मई से प्रगणक घर-घर जाकर मकानों एवं परिवारों की गणना करेंगे, जिससे कोई भी परिवार जनगणना से वंचित न रह सके।दोनों जनप्रतिनिधियों ने यह भी रेखांकित किया कि डिजिटल स्व-गणना जैसी पहल नागरिकों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे पारदर्शिता बढ़ती है और समय की बचत भी होती है।उन्होंने जिले वासियों से अपील की कि प्रत्येक नागरिक जनगणना में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे, क्योंकि यही सटीक आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं की मजबूत आधारशिला बनेंगे।




