विज्ञान शिक्षण को प्रभावी बनाने की कवायदजून में खुली लैब, छात्र बने शिक्षकों ने किया प्रयोगविज्ञान शिक्षकों के चार दिवसीय प्रयोगशाला प्रशिक्षण का समापन

सीधी- एपीसी रमसा डॉ सुजीत मिश्रा ने जानकारी दे कर बताया कि विज्ञान शिक्षण को प्रभावी एवं रुचिकर बनाने की दृष्टि से प्रयोगशालाओं की स्थिति को सुदृढ़ता प्रदान कर छात्रों के परीक्षा परिणामों में सुधार के साथ शिक्षा को दैनिक जीवन से जोड़ने के उद्देश्य से शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय सीधी में समस्त शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के एक-एक विज्ञान शिक्षक एवं प्रयोगशाला प्रभारी शिक्षकों के प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में विकासखंड कुसमी, मझौली एवं रामपुर नैकिन के प्रशिक्षणार्थियों ने 12 से 15 जून तक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसी प्रकार द्वितीय सत्र का आयोजन 20 से 23 जून सीधी एवं सिहावल विकासखंड के शिक्षकों के लिए किया जाएगा। चार दिवसीय प्रशिक्षण में शिक्षकों ने भौतिकी, रसायन एवं जीव विज्ञान के प्रायोगिक कार्य सीखे जिसमें उन्हें प्रयोगशाला में प्रयुक्त सभी उपकरणों की पहचान एवं उपयोगिता को समझाते हुए माइक्रोस्कोप में स्टोमेटा की स्लाइड देखना क्रोमैटोग्राफी डीएनए का पृथक्करण, ब्लड ग्रुप की जांच करना स्पॉटिंग एवं कार्बनिक पदार्थों का परीक्षण रासायनिक अभिक्रियायें, पदार्थों का पृथक्करण आदि प्रयोग कर के देखे। आरआईई भोपाल से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स कृष्णा मिश्रा एवं डॉ हेमांगद शुक्ला के साथ विषय विशेषज्ञों डॉ सुधाकरधर द्विवेदी, राकेश रतन पाण्डेय, राजेश सिंह विज्ञान विषय में ओंकार केसरी, कंचन तिवारी, कमलापति गौतम, आरती पाण्डेय, भौतिकी में अरुण मिश्रा, बीरेंद्र सिंह, रावेन्द्र पाण्डेय, और अजय मिश्रा के साथ हरिओम शुक्ला की सहायता से कराए गए। प्रशिक्षण के प्रथम सत्र का समापन डिप्टी कलेक्टर श्रेयस गोखले, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ पीएल मिश्रा, एडीपीसी अशोक तिवारी एवं एपीसी डॉ सुजीत मिश्रा की उपस्थिति में प्रशिक्षणार्थियों को छात्रों को प्रैक्टिकल कराने प्रयोगशाला को सुसज्जित करने, के निर्देश प्रदान कर किया गया।



