भ्रष्ट्राचार करते रहो,शिकायत मिलने पर जांच चलती रहेगी

सिंगरौली । जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने पंचायतों में हो रहे भ्रष्ट्राचार के मामले में सामान्य सभा की बैठक के दौरान उपाध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य के प्रश्न पर अजीबो गरीब एवं गोलमाल जबाव दिया है। आरोप है कि पंचायत में भ्रष्ट्राचार करते रहो शिकायत मिलने पर जांच चलती रहेगी और अनियमितता करने वालों पर साहब की कृपा दृष्टि बनी रहेगी।
दरअसल बुधवार को जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक जिला पंचायत अध्यक्ष सोनम सिंह की अध्यक्षता एवं उपाध्यक्ष अर्चना-नागेन्द्र प्रताप सिंह, जनपद अध्यक्ष देवसर प्रणव पाठक व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत की विशेष उपस्थिति में आयोजित हुई।
बैठक में पिछले राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत वर्ष 2022-23 के आय-व्यय ब्योरा पर चर्चा शुरू हुई। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष अर्चना सिंह ने गणवेश खरीदी को लेकर राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से सवाल पूछा कि आखिरकार बच्चों को रेडिमेड एवं नाप में छोटे कपड़े क्यों मुहैया कराया जा रहा है।
एक साल तक स्कूली बच्चे गणवेश के लिए तरस गये और अब जो विद्यालयों में गणवेश वितरण किया जा रहा है उसकी गुणवत्ता ठीक नहीं है। विद्यालय के शिक्षकों ने गणवेश लेने से मना कर दिया है। उपाध्यक्ष का ठोस जबाव आजीविका मिशन के कर्ताधर्ता के साथ-साथ मुख्य कार्यपालन अधिकारी भी नहीं दे पाये।
बैठक में पेयजल समस्या, शैक्षणिक सत्र में बच्चों के प्रवेश एवं विषय चयन पर आ रही समस्याएं, शाला प्रवेश, इनरोलमेंट से छुटे हुए बच्चों का चिन्हांकन, विशेषकर छात्रों के स्थिति की समीक्षा की गयी। बैठक में स्कूल भवनों के लिए जारी राशि पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष अर्चना-नागेन्द्र सिंह ने सवाल किया कि जिन विद्यालयों का पिछले वर्ष मरम्मत किया जा चुका है ऐसी विद्यालयों के लिए राशि क्यों जारी की गयी।
जबकि तीन साल बाद राशि जारी होने का प्रावधान है। इसमें गड़बड़झाला हो रहा है। इसके अलावा अन्य कई बिंदुओं पर जिला पंचायत सदस्यों ने मुद्दा उठाया। वहीं जनपद अध्यक्ष देवसर प्रणव पाठक ने कहा कि सचिवों का तबादला एक से दूसरे ब्लाक में करना चाहिए। जिसके संबंध में जनपदों से प्रस्ताव मांगा गया।
इस दौरान जिपं सदस्य कमलेन्द्र सिंह, अशोक सिंह पैगाम, संदीप शाह समेत विधायक प्रतिनिधि नागेन्द्र प्रताप सिंह सहित कई विभागों के प्रमुख मौजूद थे।
बगदरा क्षेत्र अभ्यारण्य से हो मुक्त
बैठक के शुरूआत में ही बगदरा अभ्यारण्य के सभी 23 ग्राम पंचायतों को मुक्त कर कलेक्टर के द्वारा भूमि रजिस्ट्री पर लगाये गये प्रतिबंध को हटाये जाने की मांग करते हुए उपाध्यक्ष अर्चना-नागेन्द्र सिंह के प्रस्ताव पर सभी सदस्यों ने सहमति दिया। उन्होंने कहा कि जिस उद्देश्य से बगदरा को अभ्यारण्य घोषित किया गया था वह उद्देश्य पूरा नहीं हुआ।
सभी 23 ग्राम पंचायतों में बगदरा अंचल को अभ्यारण्य से मुक्त करने एवं रजिस्ट्री पर लगायी गयी रोक को हटाये जाने का प्रस्ताव भेज दिया है। वहीं बैठक में खैरा पंचायत के गोडग़वां गांव, रजबंधा नाला से एक किसान का करीब 30 हेक्टेयर भूमि तबाह हो गयी है। इसका सर्वेक्षण करने जिला पंचायत की टेक्रिकल टीम शीघ्र जाकर मुआयना करेगी।
धनहरा पंचायत के मामले में सीईओ का गोलमाल जबाव
जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक के अंत में जिला पंचायत उपाध्यक्ष अर्चना-नागेन्द्र सिंह एवं जिला पंचायत सदस्य अशोक सिंह पैगाम ने जनपद बैढऩ के धनहरा पंचायत में पिछले वर्षों हुए भ्रष्ट्राचार की जांच के मामले में मुद्दा उठाया।
इस मामले में जिला पंचायत सीईओ गजेन्द्र सिंह नागेश ने गोलमाल जबाव देने लगे। वहीं सीईओ की भाषा जांच अधिकारी आरईएस कार्यपालन यंत्री मनोज बाथम भी बोलते हुए सुर में सुर मिलाने लगे। जिस पर उपाध्यक्ष ने बीछी पंचायत के प्रधानमंत्री आवास में हुई गड़बड़ी पर तत्कालीन रोजगार सहायक के विरूद्ध कार्रवाई न किये जाने पर अधिकारियों को घेरने लगीं।
इसके बावजूद जिपं सीईओ ने भ्रष्ट्राचार के मामले में अनियमितता करने वालों पर दया दृष्टि दिखाते हुए इमोशनल चाल चलने लगे।



