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आधा सैकड़ा ग्रामीणों का राशन पर्ची से नाम गायब,रोजगार सहायक पर आरोप

सिंगरौली। चितरंगी जनपद क्षेत्र के कुलकवार ग्राम पंचायत के करीब आधा सैकड़ा से अधिक ग्रामीणों का राशन पर्ची से नाम गायब हो गया है। जहां ग्रामीण अब राशन पर्ची के लिए दर-दर भटक रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रोजगार सहायक ने जान बूझकर चुनावी रंजिश का बदला लिया है।

कुलकवार ग्राम पंचायत के प्रेमलाल सिंह, सियाराम पनिका, सचवा देवी, देवनारायण पनिका, लक्षिमन पनिका, कलंदर पनिका, शिवमूरति बैस, रामविशाले कोल, झारखण्डे सिंह, रमापति सिंह, हिन्छू पनिका, लवलेश गुप्ता, शंकर कोल, सुकवरिया साकेत सहित तकरीबन आधा सैकड़ा से अधिक ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम आवेदन पत्र देते हुए बताया कि रोजगार सहायक ने जान बूझकर राशन पर्ची से ही नाम निरस्त करा दिया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि रोजगार सहायक कृष्णपाल सिंह ने अपनी पत्नी को त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में सरपंच के पद पर मैदान में उतारा था। जहां उनकी पत्नी चुनाव हार गयी थीं। इसी से नाराज होकर ग्रामीणों का नाम राशन पर्ची से गायब करा दिया है। हरिजन, आदिवासी ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत में मनमानी चल रहा है। कोई सुनने वाला नहीं है।

शिकायत का कोई औचित्य नहीं रह गया है। ग्रामीणों ने इस ओर सांसद, विधायक एवं कलेक्टर का ध्यान आकृष्ट कराते हुए राशन पर्ची से गायब नाम को जुड़वाने एवं रोजगार सहायक के विरूद्ध जांच कराकर कार्रवाई किये जाने की मांग की गयी है।

जीआरएस पर जिला पंचायत के अधिकारी हैं मेहरबान

कुलकवार ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक कृष्णपाल सिंह पर जिला पंचायत के अधिकारी मेहरबान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रोजगार सहायक इसके पहले बीछी ग्राम पंचायत में पदस्थ था। जहां उसने अपनी मॉ-बहन के नाम पर फर्जी तौर पर करीब 9 प्रधानमंत्री आवास में घोटाला किया।

शिकायत के बाद आरोप सही पाये गये। जब तक शिकायत की जांच चल रही थी उस दौरान जिला पंचायत के अधिकारी ऊंची आवाज में बोल रहे थे कि रोजगार सहायक जेल जाएगा। किन्तु बाद में जिला पंचायत के अधिकारियों के सुर बदल गये और अब अधिकारियों का जबाव आ रहा है कि रोजगार सहायक से पीएम आवास की राशि की रिकवरी कर ली गयी है। ग्रामीणों का कहना है कि भ्रष्ट्राचार करने वालों को जिला पंचायत से छूट मिल गयी है।

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