सीधी

अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर दिव्यांग बच्चों की प्रतिभाओं का हुआ अद्वितीय प्रदर्शन

सीधी-अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन जिला उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-1 सीधी में कलेक्टर श्री स्वरोचिष सोमवंशी के निर्देशन और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अंशुमन राज के मार्गदर्शन में किया गया। यह कार्यक्रम सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग और जिला शिक्षा केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और समाज में उनके अधिकारों एवं कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अंशुमन राज ने कहा कि ‘‘दो दिव्यांग बच्चों को पूरे दिन अपने साथ में रखकर प्रशासनिक कार्यों से अवगत कराया जाएगा। वो क्या बनना चाहते हैं उनमें आत्मविश्वास और जागरूकता का विकास हो सकेगा।‘‘

कार्यक्रम के दौरान दिव्यांग बच्चों के लिए विविध सांस्कृतिक और खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में 100 मीटर दौड़, 50 मीटर दौड़, गोला फेंक, रंगोली, चित्रकला, मेहंदी, एकल गायन, एकल नृत्य, प्रतियोगिताएं शामिल थी। बच्चों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और समाज में अपनी क्षमता का संदेश दिया। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही जिला चिकित्सालय द्वारा दिव्यांगजनों मेडिकल प्रमाण पत्र भी बनाये गए।

इस आयोजन में जिले के अधिकारी डीपीसी श्री राजेश तिवारी, उपसंचालक प्रतिनिधि सूरज सिंह और एपीसी रमसा डॉ सुजीत मिश्रा भी उपस्थित रहे। इसके अलावा कार्यक्रम के आयोजन में जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा। इनमें प्रमुख रूप से श्री रजनीश श्रीवास्तव (एपीसी आईईडी), श्री चंद्रप्रताप तिवारी (लेखपाल), राजेश मिश्रा (एमआर सी), शिवांसु शुक्ला (स्पेशल एजुकेटर एमआरध्आईडी), राजेश गुप्ता (एमआरसी), हरिशंकर मिश्रा, सुदामा पटेल, संदीप नामदेव, विवेक मिश्रा, सीपी सिंह, बृजेश त्रिपाठी, बालसुधा मिश्रा, कमलेश दहायत और अखिल सिंह का सहयोग रहा।

इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यपालन अधिकारी अशोक तिवारी द्वारा आए हुए सभी दिव्यांग बच्चों को कंबल प्रदान किया गया। कार्यक्रम में आए दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों ने जिला प्रशासन के इस प्रयास की सराहना की और इसे एक प्रेरणादायक कदम बताया। यह आयोजन दिव्यांग बच्चों की क्षमताओं को प्रोत्साहित करने और समाज में उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ।

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