आधी अधूरी तैयारी के साथ चल रही है एसआईआर की प्रक्रिया- प्रदीप

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संभागीय प्रवक्ता प्रदीप सिंह दीपू ने जारी एक बयान में कहा है कि निर्वाचन आयोग और मध्य प्रदेश सरकार ने जिस आधी अधूरी तैयारी के साथ मध्यप्रदेश में मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण अर्थात एसआईआर की प्रक्रिया शुरू की है,उसने शुद्ध निष्पक्ष और पारदर्शी मतदाता सूची बनाने की प्रक्रिया का मज़ाक बना दिया है।कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश के बहुत से जिलों के मतदाता अभी बीएलओ का इंतज़ार कर रहे हैं और बीएलओ प्रगणना फ़ॉर्म मिलने का इंतज़ार कर रहे हैं। हालत यह है कि ज़िलों में अभी तक प्रगणना फ़ॉर्म के प्रिंटआउट तक तैयार नहीं हुए हैं और न बीएलओ को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जहां कहीं प्रगणना फ़ॉर्म दिए भी जा रहे हैं, वे आधे अधूरे भरे हैं। 2003 की मतदाता सूची बीएलओ के पास उपलब्ध नहीं है। और वे आशा कर रहे हैं कि मतदाता ही ख़ुद इंटरनेट से 2003 की मतदाता सूची सर्च करके करके यह बताएँ कि उनका नाम 2003 की मतदाता सूची में था या नहीं था। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मध्य प्रदेश जैसी सुदूर ग्रामीण आबादी वाले राज्य में जनता के ऊपर इंटरनेट से 2003 की मतदाता सूची में अपना नाम ढूंढने की ज़िम्मेदारी डालना वोटर के साथ सरासर अन्याय है।
कांग्रेस प्रवक्ता प्रदीप सिंह ने अपने बयान में कहा कि भारत के संविधान में स्पष्ट प्रावधान है कि नागरिकों को मतदाता बनाना चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी है। इसलिए आयोग ने जो बातें काग़ज़ पर कहीं है, उनका ज़मीन पर भी पालन करे। इतने शॉर्ट नोटिस पर और इतनी कम अवधि में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य करना पूरी तरह तुगलकी फ़रमान है। लेकिन न जाने किस नीयत के कारण चुनाव आयोग इस काम में जुटा हुआ है।
कांग्रेस प्रवक्ता प्रदीप सिंह ने कहा कि अगर इसी तरह की हीलाहवाली के साथ विशेष गहन पुनरीक्षण अर्थात एसआईआर किया गया तो इसमें संदेह नहीं है कि मतदाता सूची स्वच्छ निष्पक्ष और न्यायपूर्ण तरीक़े से नहीं बन पाएगी तथा न केवल प्रदेश के मतदाताओं के साथ नाइंसाफी होगी,बल्कि देश के लोकतंत्र पर बड़ा आघात होगा। उन्होंने चुनाव आयोग और सरकार से प्रत्येक बीएलओ को 2003 की मतदाता सूची और प्रगणना फॉर्म सहित समस्त दस्तावेज तत्काल उपलब्ध करवाकर एस आई आर की प्रक्रिया सरल सुलभ कर निष्पक्ष और पारदर्शी मतदाता सूची बनाने की मांग की है।


