भावान्तर भुगतान – किसानों को उनकी उपज का मिल रहा सही मूल्य


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को देवास में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सहभागिता कर “भावान्तर योजना” के तहत प्रदेश के 1 लाख 33 हजार सोयाबीन उत्पादक किसानों के खातों में रूपये 233 करोड़ की राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। अन्नदाताओं की मेहनत से मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में अग्रणी राज्य बना है। किसानों को उचित मूल्य और सम्मान दिलाने हेतु शुरू की गई भावान्तर योजना उनकी समृद्धि और सम्मान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा पर देश की रक्षा करने वाले जवान और खेतों में अन्न उपजाने वाले किसान, दोनों ही हमारे लिए सम्मान और गर्व के प्रतीक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने तथा गौपालन को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है।इस अवसर पर कृषि उपज मंडी सीधी के प्रांगण में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जनपद अध्यक्ष सीधी धर्मेंद्र सिंह परिहार ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भावान्तर योजना से किसानों को उनकी उपज का वास्तविक मूल्य सुनिश्चित हुआ है, जिससे उन्हें बाजार में होने वाले भाव के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा मिली है।उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। फसल बीमा, सिंचाई सुविधा, प्राकृतिक खेती, पशुपालन और गौसंवर्धन जैसी योजनाओं से किसानों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएँ और आधुनिक तकनीक अपनाकर कृषि को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करें। कार्यक्रम में सचिव कृषि उपज मंडी समिति सीधी रावेंद्र अग्निहोत्री सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

