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सतत् विकास की धुरी बन सकती है गाय

ऋषिकेश फ़ाउंडेशन की बाल टोली ‘मोगली पलटन’ द्वारा “गाय है तो गाँव है” विषय पर कछुआ चाल साइकिल रैली का आयोजन इस माह भी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार माह के दूसरे रविवार दिनांक 09 नवंबर 2025 को किया गया। रैली ग्राम हनुमानगढ़ स्थित स्व. चन्द्रप्रताप तिवारी स्मारक स्थल से प्रारंभ होकर गाँव की प्रमुख सड़क से होती हुई गाँव के दूसरे छोर पर सम्पन्न हुई। रैली में गाँव के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। विशेषता यह रही कि रैली का नेतृत्व और प्रबंधन स्वयं बच्चे करते हैं।रैली के दौरान बच्चों में जबरदस्त उत्साह और ग्रामीणों में कौतूहल बरकरार रहा।
रैली में गाय की महत्ता को उजागर करते नारे सड़कों पर गूंजते रहे। मोगली पलटन का ध्येय वाक्य “मैं भी मोगली” बच्चों में जोश और अपनत्व का संचार करता रहा।
‘कछुआ चाल साइकिल रैली’ का आयोजन मोगली पलटन द्वारा हर माह के दूसरे रविवार को किया जाता है। इसका उद्देश्य बच्चों को सतत् विकास, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय ग्रामीण जीवन की मूल चेतना—गौ-संवर्धन से जोड़ना है। रैली के दौरान मोगली पलटन द्वारा तैयार “गाय की चिट्ठी” भी ग्रामीण जनों को वितरित की गई। इस पत्र के माध्यम से बच्चों ने गाय के दृष्टिकोण से उसकी स्थिति और उपयोगिता को अभिव्यक्त करने का प्रयास किया। चिट्ठी में गाय के बहुआयामी महत्व—कृषि, पर्यावरण, स्वास्थ्य और अर्थ-व्यवस्था में उसकी भूमिका—पर सरल भाषा में जानकारी दी गई। रैली के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि गाय न केवल भारतीय संस्कृति की आत्मा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मूलाधार भी बन सकती है। गाय आधारित कृषि, गोबर गैस, जैविक खाद और पंचगव्य जैसे उत्पादों के माध्यम से यह स्वच्छ, सतत् और आत्मनिर्भर रोजगार प्रदान करने में सक्षम है।
यह पहल गाँवों में पर्यावरण-जागरूकता और तर्कशील मूल्यों के पुनर्स्थापन की दिशा में एक सशक्त अभियान बनती जा रही है।

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