पिता की आज्ञा पालन करना चाहिए-बांके बिहारी



सीधी शीतल दास मंदिर रोड थनहवा टोला में चल रही श्रीमद् वाल्मीकि रामायण कथा के पांचवे दिन कथा व्यास बांके बिहारी शास्त्री महाराज ने कहा कि पिता के वचन को पूर्ण करने के लिए राम गए वन गये जो माता-पिता के वचनों को मान करके उसका पालन करता है वह उसकी जिंदगी भी बन ही बन जाती है ।कैकेयी के दो वरदानों की पूर्ति के लिए भगवान ने पिता की आज्ञा को सर्वोपरि माना। अवध का राज्य त्याग कर लक्ष्मण, जानकी के सहित वन गमन की यात्रा करते हैं । प्रभु के चरित्र से यह शिक्षा मिलती है कि अगर राजगद्दी मिलने वाली हो या वन जाना पड़े दोनों को खुशी से स्वीकार करना चाहिए। हर स्थिति में हमको एक रस रहना चाहिए। 10 नवंबर 2025 को सीता की खोज माता शबरी से मिलान, पंपा सरोवर का वर्णन ,सुग्रीव से मैत्री ,बालि का वध ,बंदरों का सीता की खोज में जाना ,हनुमान चरित्र आदि कथा के प्रकाश डालेंगे। अतः सभी श्रद्धालु भक्तगण समय से पहुंचकर राम कथा श्रवण करें। मुख्य यजवान श्रीमती चौरसिया सोनी,परीक्षित पारस लाल सोनी, श्रीमती सावित्री सोनी आदि शामिल रहे।



