सीधी

ग्रामीण क्षेत्रों एवं श्रमिक समुदायों के लिए विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन न्यायोत्सव

म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रयाग लाल दिनकर के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी द्वारा न्यायोत्सवरू विधिक सेवा सप्ताह 09 से 14 नवम्बर 2025 तक मनाया जा रहा है। इसी क्रम में चौथे दिन ग्रामीण क्षेत्रों एवं श्रमिक समुदायों के लिए एक व्यापक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन तहसील विधिक सेवा समिति रामपुर नैकिन के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विधिक सेवाओं एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना और नागरिकों को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग बनाना था।
शिविर के दौरान प्रतिभागियों को घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, साइबर सुरक्षा, बाल श्रम उन्मूलन, नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण तथा श्रमिकों के अधिकार से संबंधित कानूनों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, आयुष्मान कार्ड जैसे दस्तावेजों के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ कैसे प्राप्त करें, यह भी बताया गया।सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुकेश कुमार शिवहरे ने बताया कि मजदूरों की सुरक्षा, वेतन, शिकायत निवारण के अधिकारों एवं नालसा हेल्पलाइन 15100 की जानकारी नागरिकों तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को न्याय पाने का समान अधिकार है और कोई भी व्यक्ति आर्थिक या सामाजिक कारणों से न्याय से वंचित नहीं रहेगा।जिला विधिक सहायता अधिकारी मनीष कौशिक ने श्रम कानूनों, न्यूनतम मजदूरी, समान वेतन, ई-श्रम कार्ड योजना, कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 और म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल तथा असंगठित कर्मकार कल्याण मंडल की योजनाओं पर विस्तृत जानकारी दी।तहसील विधिक सेवा समिति रामपुर नैकिन के अध्यक्ष परमानन्द सानोड़िया ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य है कि समाज में कोई भी व्यक्ति अपने अधिकारों से वंचित न रहे। न्याय केवल न्यायालयों में नहीं, बल्कि हर व्यक्ति के द्वार तक पहुंचना चाहिए।न्यायिक मजिस्ट्रेट अरहम खान ने संविधान द्वारा प्रदत्त समान अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विधिक जागरूकता ही समाज में न्याय, समानता और सशक्तिकरण की सबसे बड़ी कुंजी है। जब नागरिक अपने अधिकार जानने लगते हैं तो समाज में न्याय की भावना मजबूत होती है।कार्यक्रम में अभिषेक शर्मा, मैनेजर सीमेंट फैक्ट्री बघवार, पैरालीगल वॉलेंटियर रामनिवास सोनी, रानू मिश्रा, फैक्ट्री सुरक्षा कर्मी सहित बड़ी संख्या में श्रमिक एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को विधिक सहायता से संबंधित पुस्तिकाएं एवं जानकारीपरक पर्चे वितरित किए गए।यह शिविर ग्रामीण व श्रमिक समुदाय के बीच विधिक साक्षरता, न्याय तक पहुंच और आत्मनिर्भरता की भावना को सशक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम साबित हुआ।

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