उन्नत कृषि यंत्रों पर अनुदान हेतु किसान भाई 1 मार्च तक करें ऑनलाइन आवेदन उन्नत कृषि यंत्रो के उपयोग से उत्पादन और मुनाफा दोनों में होगी वृद्धि
सिंगरौली 28 फरवरी 2026 राज्य शासन द्वारा वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में प्राथमिकता देते हुए कृषकों की आय वृद्धि, लागत में कमी एवं आधुनिक तकनीक के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 का कृषि बजट प्रदेश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने तथा कृषि को आधुनिक एवं संवहनीय स्वरूप प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसी क्रम में जिले के कृषकों को उन्नत तकनीक आधारित कृषि यंत्रकृहैप्पी सीडर, सुपर सीडर एवं स्मार्ट सीडरकृके क्रय पर शासन द्वारा आकर्षक अनुदान प्रदान किया जा रहा है।
सहायक कृषि यंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि इच्छुक कृषक ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 01 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। ऑनलाइन आवेदन के लिए कृषकों को अपने नाम की भूमि की बी-1 प्रतिलिपि, बैंक पासबुक, ट्रैक्टर की आर.सी., अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के कृषकों हेतु जाति प्रमाण पत्र तथा 4500 रुपये की धरोहर राशि (आवेदक के स्वयं के बैंक खाते से डिमांड ड्राफ्ट) अपलोड करना अनिवार्य होगा। विभाग द्वारा प्राप्त आवेदनों के आधार पर लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा तथा लॉटरी की सूचना प्रकाशित कर शासन के नियमानुसार अनुदान वितरण की कार्यवाही की जाएगी।
उन्होने बताया कि हैप्पी सीडर जीरो टिलेज तकनीक पर आधारित है, जो खेत में मौजूद नरवाई,पराली को काटकर मल्चिंग के रूप में बिछाते हुए बीज बुवाई करता है। इससे मिट्टी की नमी संरक्षित रहती है तथा उत्पादन में वृद्धि होती है। इसकी सहायता से जुताई-बुवाई की लागत लगभग 60 प्रतिशत तक कम की जा सकती है। इसके क्रय पर अधिकतम 86,350 रुपये तक अनुदान उपलब्ध है। तथा स्मार्ट सीडर, सुपर सीडर का उन्नत विकल्प है, जो सीमित जुताई करते हुए बीज कतार में बुवाई करता है तथा शेष नरवाई को मिट्टी में दबा देता है। इससे नमी संरक्षण एवं उत्पादन में वृद्धि होती है। इस यंत्र से जुताई-बुवाई की लागत लगभग 50 प्रतिशत तक कम होती है। इसके क्रय पर अधिकतम 90,200 रुपये तक अनुदान सहायता प्रदान की जाती है।सहायक कृषि यंत्री ने जिले के कृषकों से अपील की है कि वे “किसान कल्याण वर्ष 2026” के अवसर पर उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाते हुए समय सीमा के भीतर आवेदन करें। आधुनिक यंत्रीकरण से समय पर बुवाई कर फसल को प्रतिकूल मौसम से बचाया जा सकता है, लागत कम की जा सकती है तथा उत्पादन और मुनाफा दोनों में वृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है।



