मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव यदि जिला चिकित्सालय का भी निरीक्षण कर लेते तो आम जनता का होता भला : ज्ञान

सीधी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के सीधी जिले के औचक निरीक्षण पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अपने नेताओं के दबाव में कलेक्टर को हटाना तो आसान है, लेकिन यदि मुख्यमंत्री वास्तव में जनहित और प्रशासनिक व्यवस्था की सच्चाई जानने के उद्देश्य से जिले में आए थे, तो उन्हें जिले के एकमात्र शासकीय जिला चिकित्सालय का भी निरीक्षण अवश्य करना चाहिए था। ज्ञान सिंह ने आरोप लगाया कि जिला चिकित्सालय की स्थिति अत्यंत दयनीय और चिंताजनक है। अस्पताल में डॉक्टरों, दवाइयों, बेड और नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी बनी हुई है। मरीजों को मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं, एक्स-रे रिपोर्ट तक की प्रतियां मोबाइल से फोटो खींचकर दी जा रही हैं, जो स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में खुलेआम आवारा पशु घूमते नजर आते हैं, साफ-सफाई का अभाव है और पार्किंग के नाम पर आम जनता से खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है। इन अव्यवस्थाओं के वीडियो कई बार सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने आंखें मूंद रखी हैं।
ज्ञान सिंह ने भाजपा के जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में जनता के प्रति जवाबदेह होते, तो मुख्यमंत्री को जिला चिकित्सालय की जमीनी हकीकत दिखाने का साहस करते। लेकिन उन्होंने ऐसा करना उचित नहीं समझा, जिससे साफ जाहिर होता है कि वे जनता की समस्याओं से पूरी तरह कट चुके हैं।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के 22 वर्षों के शासनकाल में जिला चिकित्सालय अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। यदि मुख्यमंत्री स्वयं अस्पताल का निरीक्षण करते, तो संभवतः इस जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की कोई उम्मीद बन सकती थी और जिले की गरीब, अनुसूचित जाति-जनजाति एवं आदिवासी जनता को राहत मिलती।
ज्ञान सिंह ने आरोप लगाया कि जिला चिकित्सालय आज कमीशनखोरी और लापरवाही की भेंट चढ़ चुका है, जहां आम जनता की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि न तो मुख्यमंत्री को आम जनता की चिंता है और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों को, जिससे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।



