शिक्षक पात्रता परीक्षा के विरोध में शिक्षक कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

• सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका लगाए सरकार
मध्य प्रदेश शिक्षक कांग्रेस के प्रांतीय शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर जिलाध्यक्ष कृपाशंकर मिश्र के नेतृत्व में जिले के सैकड़ों शिक्षकों की उपस्थिति में पूर्व घोषित तिथि अनुसार मंगलवार को शिक्षक पात्रता के विरोध में राज्य शासन द्वारा पुनर्विचार याचिका सर्वोच्च न्यायालय में लगाए जाने हेतु मुख्यमंत्री के नाम सम्बोधित ज्ञापन कलेक्टर सीधी के माध्यम से नायब तहसीलदार गोपद बनास के हाथों सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सेवा में लगभग 20-25 वर्षों से कार्यरत शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के आदेश स्थगित कर शिक्षकों के हित में सर्वोच्च न्यायालय में सरकार स्वयं पुनर्विचार याचिका लगाए। साथ ही ऐसे शिक्षक जिनकी नियुक्ति शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रभावशाली होने के पूर्व जिन सेवा शर्तों के आधार पर की गई थी उन्हें शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से छूट प्रदान की जावे एवं संविधान के अनुच्छेद 14 तथा 16 के अंतर्गत समानता का अधिकार एवं सेवा सिद्धांतों व नैसर्गिक सिद्धांतों का पालन सुनिश्चित करते हुए बिना दोष या अक्षमता के शिक्षकों को नई पात्रता परीक्षा के आधार पर सेवा से पृथक नहीं किया जावे। शिक्षक पात्रता परीक्षा का मुख्य उद्देश्य नई नियुक्तियों हेतु न्यूनतम शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करना है, न की दीर्घकाल से कार्यरत शिक्षकों को सेवा से वंचित करना है । सेवा के अंतिम वर्षों में ऐसी परीक्षा की अनिवार्यता प्राकृतिक न्याय एवं सेवा सुरक्षा के सिद्धांतों की विपरीत प्रतीत होती है। सामान्य परिस्थितियों में विभिन्न राज्यों तथा न्यायालयों द्वारा भी ये दृष्टिकोण अपनाया गया है कि दीर्घकाल से कार्यरत शिक्षकों को सेवा सुरक्षा प्रदान की जाना चाहिए। इस प्रकार की टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता से शिक्षकों में असुरक्षा की भावना एवं भय उत्पन्न हो रहा है तथा शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इस प्रकार तथ्यों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री से मध्य प्रदेश शिक्षक कांग्रेस मांग करता है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा के आदेश को स्थगित कर शीघ्र पुनर्विचार याचिका सर्वोच्च न्यायालय में दायर करें।जिससे लाखों शिक्षकों का हित सुरक्षित हों सके। इस अवसर पर संघके पदाधिकारीगण एवं सैकड़ों शिक्षक/शिक्षकाएं उपस्थित रहे जिनमें प्रमुख रूप से अशोक कुमार शर्मा, राजेंद्र प्रसाद मिश्रा,हरीश कुमार पाण्डेय,मधुर कुमार मिश्रा,अम्बिकेश शुक्ला,अरुणेन्द्र गौतम,उमाशंकर तिवारी,अजीत कुमार मिश्रा, मुस्ताक अहमद कादरी,लल्लू प्रसाद साकेत,अनिल कुमार पाण्डेय,कौशल प्रसाद द्विवेदी,वीरेंद्र कुमार वर्मा, सुनीता केवट, अशोक कुमार मिश्रा, अयोध्या केवट,सावित्री प्रजापति,सावित्री कुशवाहा,शकुंतला सिंह,लीलावती प्रजापति, सुमन पनिका, मेवालाल कुशवाहा,युवराज सिंह,जानकी देवी,कमला सिंह,आशा साकेत, हनुमान प्रसाद उपाध्याय, मिथिला प्रसाद साकेत, प्रदीप तिवारी,पंकज सिंह, सुरेश कुमार पटेल, दुर्घर प्रसाद कोल, रामानुग्रह प्रजापति,सरोज सिंह, लालजी कोल,कन्हैया लाल वर्मा,मन्नू देवी साकेत,राघवेंद्र पांडेय, सरोज सिंह, कन्हैया लाल वर्मा, मन्नू देवी साकेत,राजेंद्र सिंह,चंद्रेश यादव,संतोष गौतम, प्रदीप कुमार वर्मा, हरिश्चंद्र साकेत, रामनारायण त्रिपाठी, सोहागवती सिंह,प्रमिला सिंह,मोनिका शुक्ला,ज्योतिमा शुक्ला,अर्पणा मिश्रा,हुब्बलाल वर्मा, हुब्बलाल सिंह,उमाशंकर तिवारी, दिलीप सिंह,श्रवण कुमार वर्मा, खिनेंद्र कुमार देशमुख,अनीता पनिका,अजीता सिंह,विनोद कुमार सिंह,रामकुशल सोंधिया,रामनारायण शुक्ला,अंजुला भगत,चितरंजन मिश्रा आदि शिक्षक शामिल रहे।



