आत्मनिर्भरता के लिए शिक्षा के साथ कौशल का होना आवश्यक-रीति पाठक

जन शिक्षण संस्थान में जी-20 के अन्तर्गत आयोजित कार्यशाला एवं हस्तशिल्प प्रदर्शनी का सांसद ने किया अवलोकन
जन शिक्षण संस्थान में जी-20 जन भागीदारी गतिविधियों का सांसद की उपस्थिति में हुआ समापन
सीधी- कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार जन शिक्षण संस्थान द्वारा जी-20 जन भागीदारी गतिविधियों के अंतिम चरण में नवीन तकनीक पर आधारित कार्यशाला एवं हस्तशिल्प प्रदर्शनी तथा 15 दिन 15 गतिविधियों के चयनित प्रतिभागियों को समापन समारोह की मुख्य अतिथि सांसद रीति पाठक के कर कमलों से पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र वितरण के साथ समापन हुआ। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि समाजसेवी प्रमोद द्विवेदी एवं पुष्पराज सिंह तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता सव्यसाॅची संस्था सचिव संजय भदौरिया ने की। समापन कार्यक्रम में प्रतिभागियों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए सांसद रीति पाठक ने कहा कि भारत सरकार की यह योजना युवाओं खासकर महिलाओं के लिए स्वरोजगार से जुड़ने तथा आत्मनिर्भर बनने हेतु सशक्त योजना है। इस योजना से जुड़कर महिलाएं स्वाबलंबी बन अपने परिवार का भरण पोषण करने में संक्षम हो सकती हैं। साथ ही उन्होंने सफल प्रशिक्षणार्थियों की सफलता की कहानी सुन यह कहा कि आत्मनिर्भर बनने के लिए केवल शिक्षा ही आवश्यक नहीं है बल्कि उसके साथ किसी न किसी कौशल का होना नितांत आवश्यक है जिसमें उनकी रूचि हो। उन्होंने संस्थान द्वारा भारत सरकार की मंशा के अनुरूप गरीब तबके के लिए स्वाबलंबन हेतु किये जा रहे इस कार्य की सराहना की। श्रीमती पाठक ने आगे कहा कि मैं सव्यसाॅची संस्था जो सीधी जिले में जन शिक्षण संस्थान योजना का संचालन कर रही है को बहुत पहले से जानती हूॅ तथा व्यक्तिगत रूप से संस्था द्वारा संचालित की जा रही योजनाओं का अवलोकन करने का भी मुझे अवसर मिलता रहा है। सव्यसाॅची सेन्टर भारत सरकार के उद्देश्य के अनुरूप कार्य करते हुए सामाजिक उत्थान हेतु निरंतर प्रयासरत् है इसके लिए मैं संस्था सचिव संजय भदौरिया एवं उनके सभी कर्मचारियों को धन्यवाद एवं शुभकामनाएं देती हूॅ।
संस्थान के निदेशक जय सिंह द्वारा मुख्य अतिथि को जन शिक्षण संस्थान योजना द्वारा संचालित कार्यक्रमों तथा जी-20 जन भागीदारी गतिविधियों के संबंध में दिवसवार जानकारी दी गई तथा सभी आयोजनों की लघु फिल्म का प्रदर्शन कार्यक्रम अधिकारी बृजेन्द्र सिंह द्वारा किया गया। आयोजित हस्तशिल्प प्रदर्शनी में उपस्थित सफल प्रशिक्षणार्थियों ने अपनी सफलता की कहानी सुनाई तथा जी-20 जन भागीदारी के अन्तर्गत आयोजित गतिविधियों की सराहना की एवं कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज के प्रति सोच का दायरा बढ़ता है। भारत सरकार द्वारा ऐसी गतिविधियों का आयोजन समय-समय पर होते रहना चाहिए ताकि समाज को इसका लाभ मिल सके। कार्यक्रम में अध्यक्षता कर रहे संजय भदौरिया ने कहा कि सव्यसाॅची जिले के गरीब तबके खासकर जन जातीय वर्ग के सतत् विकास हेतु सदैव प्रयास करती रही है तथा निरंतर यह प्रयास जारी है। उन्होंने कार्यक्रम हेतु अमूल्य समय देने के लिए सांसद महोदया सहित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस आयोजन को सफल बनाने में संस्थान कार्यक्रम अधिकारी सुमन सिंह, राकेश सिंह, संतोष केवट, शोभा सिंह, रेखा सिंह, रामसुन्दर साकेत, ललिता पटेल, सुधा सिंह, भारती पाण्डेय, मीना सिंह, कल्पना सिंह, शीला यादव, सतेन्द्र केवट, रविराज कोरी एवं संस्थान से जुड़े प्रशिक्षणार्थियों की भूमिका सराहनीय रही।



