मृतक की पत्नी को 5 लाख रुपए और कंपनी में नौकरी दिलाने पर बनी सहमति

20 घंटे तक चले आंदोलन के बाद मृतक के परिजनों को मिली राहत
सिंगरौली। मध्यप्रदेश के उर्जाधानी व काले हीरे यानी कोयले की खान क्षेत्र सिंगरौली जिले में सड़क हादसों की फेहरिस्त कम होने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार की रात 10 बजे से सरई के वर्दिया डोल में चल रहा हंगामा और विरोध प्रदर्शन 20 घंटे बाद रविवार को शाम 4 बजे शांत हुआ। गौरतलब है कि शनिवार को गुड़वानी निवासी रमेश सिंह पिता छोटेलाल सिंह को बेलगाम गति से भागते एक कोयला ढोने वाले हाइवा ने टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी। उनके साथ बाइक पर सवार पत्ती और तीन बच्चे गंभीर रुप से घायल हो गए हैं। हादसे के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया था। जाम रातभर चलता रहा, सुबह शासन-प्रशासन के अधिकारियों ने बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया लेकिन गुस्साए लोग प्रशासन से बातचीत करने को तैयार नहीं थे। हालांकि बाद में शाम 4 बजे मृतक की पत्नी को 5 लाख रुपए राहत राशि और कंपनी में नौकरी दिलाने व बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था करने की बात पर सहमती बनी, तब जाकर मामला शांत हुआ।
नहीं लग रहा कोल वाहनों पर लगाम-
सरई क्षेत्र में कोल वाहनों की धमाचौकड़ी से आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। हादसों को लेकर स्थानीय लोगों में कोल कंपनी प्रबंधन और शासन-प्रशासन के प्रति गुस्सा बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि सुलियरी से जो वाहन कोयला लोड कर आते-जाते हैं। उनकी स्पीड पर लगाम लगाई जाये क्योंकि कोल वाहनों की वजह से अब तक सैकड़ों सड़क हादसे हो चुके हैं, जिसमें दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन नहीं लग रहा कोल वाहनों पर लगाम और आगे भी ऐसा होता नहीं दिख रहा है।



