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मां भगवती की आराधना को लेकर आकर्षक का केंद्र बना घरसड़ी ग्राम

सिंगरौली।  देवी के दर पे मनमांगी मुरादे पूरी होने के बारे में तो हम सभी जानते है और कहीं न कहीं व्यक्तिगत जीवन में भी इसका अनुभव किया होता है। लेकीन आज हम ऐसे मन्दिर के बारे में आपको बता रहे हैं जहां सच्चे मन से पहुंचने वाले हर श्रद्धालु का दर्शन मात्र से एक दो नहीं बल्कि एकसाथ कई मुरादे पूरी होती है, तथा बड़े से बड़े दु:ख तकलीफ झेल रहे लोगों को उनके पापों से मुक्ति मिलती है। उक्त मंदिर सिंगरौली जिला (म.प्र.)के सीमावर्ती सोनभद्र जिला (उ.प्र.) के एनसीएल बीना परियोजना के समीपस्थ घरसड़ी ग्राम में स्थित है। जहां मां दुर्गा मंदिर में श्रद्धा से आए सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने वाली के रूप में विख्यात आदि शक्ति मां जगदम्बा का वर्षगांठ हर वर्ष बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। आपको बतादे कि यहां मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, सहित कई अन्य प्रांतों से भक्त अपनी आस्था ले कर इस दरबार में माथा टेकने पहुंचते हैं। जहां उनकी मुरादे भी पूरी होती है। इसी तारतम्य में मां के वर्षगांठ पर काशी से पधारे प्रकांड विद्वान व भागवताचार्य श्री अशोक बाबा के सानिध्य में दिनांक 23 जून से 29 जून तक कलश स्थापना के साथ मां के अनुष्ठान को लेकर प्रतिदिन भभ्य पूजा अर्चना किया जा रहा है।

ज्ञात हो कि यहां सात दिवस तक चलने वाले मां दुर्गा सप्तशती का पाठ व श्रीमद् भागवत कथा देखने व सुनने दूर दूर से लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। बताते हैं कि यहां सच्चे मन से आने वाले हर भक्त की मुरादे पूरी होती है। मां दुर्गा शक्तिपीठ मंदिर के संरक्षक व पुजारी श्री बाबूलाल तिवारी के अनुसार उक्त स्थान पर लगभग दो तीन दशक से प्रत्येक वर्ष बड़े ही धूमधाम से आदि शक्ति मां जगदम्बे का स्थापना दिवस वर्षगांठ के रूप में मनाई जाती है। इस बीच मां की असीम कृपा भी भक्तों पर बरसी हैं। आपको बता दें कि पहले की अपेक्षा आज के दिन में मां का दरबार एक आकर्षक रूप ले चुका है। जहां भक्तों में माता जी के प्रति असीम श्रद्धा है। यही कारण है कि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार से बड़ी संख्या में भक्त पूजा-अर्चना करने यहां पहुंचते हैं। साथ ही कोई भी शुभ कार्य करने से पूर्व एवं बाद में क्षेत्रीय लोग आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए मां की चौखट पर हाजिरी जरूर लगाते हैं।

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